Kulcharam, Andhra Pradesh

सन 1984 में भूगर्भ से भगवान पार्श्वनाथ की काले पाषाण की सप्तफण वाली 11″ 3″ की प्रतिमा मिली है I यह अलौकिक देवरक्षित प्रतिमा 9वी श. ई.  की है I आंध्रप्रदेश के इस प्रथम तीर्थ स्थल पर पंचकल्याणक प्रतिष्टा 10-16 मार्च 2003 में संपन्न हो चुकी है.

In 1984 the hood of the idol of Parswanath was seen surfacing out of earth. Careful digging revealed an idol of 11 feet 3 inches!!! 30 people were required to unearth the idol completely. From 1984 until late 1990’s the idol was under the control of locals, who treated the idol as ‘gram devata’. After enormous efforts from Digambar Jain Samaj of Hyderbad, the idol was handed over to Jains, under the condition that the idol will not be take away from Kulcharam. Now the idol is completely under Digambar Jain management and a grand temple has been built in 2003.

How to reach:
Busses & taxies are available from Hyderabad. Kshetra is situated on Hyderabad-Medak road.
Railway Station & Airport – Hyderabad.

Nearby Places:

Hyderabad

 

 

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