श्री सिद्धचक्र विधान के समापन पर निकाली गयी भव्य पंचरथ यात्रा

भोपाल, श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन के अवसर पर नगर की विभिन्न सड़कों पर रविवार पंचरथ रथयात्रा भव्यता के साथ निकाली गयी। नगर में पहली बार एक साथ पांच तीर्थकरों की रथयात्रा निकाली गयी। रथयात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों की मौजूदगी रही। मंगलवारा जैन मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा का मुख्य आकषर्ण पांचों तीर्थकरों चंद्रप्रमु, आदिनाथ, शांतिनाथ, पाश्र्वनाथ एवं महावीर भगवान अलग-अलग पांच सुसज्जित रथ पर विराजमान थे। रथयात्रा इतवारा चौक, लोहा बाजार, हनुमानगंज होते हुए वापस मंदिर जी में पहुंची। रथयात्रा में मुनि सुबल सागर महाराज और आर्यिका विभाश्री जी साथ चल रहे थे। रथयात्रा में महामंडल विधान के पात्र विमल जैन, राजेंद्र चौधरी, पंकज प्रधान, सुबोध आदि चंवर डुलाकर पांचों तीर्थकरों की सेवा को तत्पर थे। मंदिर में विशंति यज्ञ एवं भगवान का अभिषेक हुआ और तत्पश्चात धर्म सभा हुई। धर्मसभा में मुनिश्री ने कहा कि हमें तीर्थकर भगवान के आदशरे एवं उनके सिद्धातों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। जैन समाज का मूल मंत्र अहिंसा परमो धर्म है। आर्यिका माताजी ने कहा कि हम सभी धर्म का पालन करें। पंचायत कमेटी अध्यक्ष प्रमोद, हिमांशु, वीरेंद्र अजमेरा, पंकज जैन, शैलेश प्रधान एवं सुनील सिंघई आदि ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।

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