दिगम्बर जैन संतों का पटना सिटी में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।

जैन समाज के साधु सप्तम पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विपुल सागर जी महाराज, अतिशय योगी आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी महाराज ससंघ 3 पिच्छी का कमलदह जी सिद्ध क्षेत्र गुलजारबाग पटना सिटी में श्रावको ने गुरूदेव ससंघ का भव्य मंगल अगवानी किया ।

प्रवीण जैन ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ तीर्थराज सम्मेद शिखर जी (झारखंड) से अनेक तीर्थो की यात्रा करते हुए जैन परंपरा के महामुनि सेठ सुदर्शन स्वामी की निर्वाण भूमि पटना पहुँचे ।

अशोक राजपथ में जगह – जगह जैन श्रद्धालुओ ने गुरूदेव का मंगल आरती व आदर्शीवाद प्राप्त किया,

हर्षोल्लास पूर्वक श्रावक “जयकारा गुरूदेव का , जय जय गुरूदेव” का जयकारा लगाते चल रहे थे ।

जैन समाज के लोगो ने कहा कि सौभाग्यशाली हूँ  हमारा जीवन धन्य हो गया कि गुरुदेव का मंगल प्रवेश हमारे नगर में हुआ ।

प्रवीण जैन बताया कि जैन आचार्यो का मंगल पद विहार दोपहर के समय चिलचिलाती धूप, तपती गर्मी में नंगे पांव चलकर पटना में प्रवेश हुआ, पंचमकाल में भी दिगम्बर जैन संतो के कठिन चर्या, तप, साधना को हम नमन करते है। बता दे कि दिगम्बर जैन साधु दीक्षा के पश्चात से ही हर मौसम में बिना किसी परिधान (वस्त्र) के, दिन में एक बार आहार – जल ग्रहण करते हैं , जहाँ भी यात्रा करते हैं नंगे पांव पैदल ही चलते हैं , शरीर के केशो को अपने अपने हाथों से केंशलोच करते हैं किसी कैंची का प्रयोग नहीं करते।परम पूज्य साधुओ की ऐसे ही अन्य प्रकार की कठिन और त्याग – तपस्या की दिनचर्या होती है। ऐसे महान दिन चर्या आम व्यक्ति के लिए असंभव होता है।

आचार्य ससंघ का चार महीने का वर्षायोग पटना में ही होने की संभावना है।

इस मौके पर प्रवीण जैन, संजीव जैन , सुनील कुमार जैन, अशोक काशलीवाल जैन, विपिन जैन, नीतू जैन , सुनीता जैन, सवि जैन , रवि जैन, सहित काफी संख्या में स्थानीय जैन समाज मौजूद रहे ।

 

प्रवीण जैन

 

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