Jain Temple in Bihar – बिहार राज्य के प्रमुख दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र

Jain Temple in Bihar
Jain Temple in Bihar

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  1. मंदारगिरी (बाँका) :- जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी की तप, ज्ञान एवं निर्वाण भूमि है।
  2. चम्पापुरी (भागलपुर) :- जैन धर्म के 12 वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी की गर्भ एवं जन्म स्थली है।
  3. मलयागिरी, मलयपुर-जमुई :- जैनागम में वर्णित और विद्वानों द्वारा प्रमाणित जैन धर्म के अंतिम 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की कैवल्य ज्ञान स्थली है जो ऋजुकुला नदी के तट पर अवस्थित है।
  4. गुणावां (नवादा):- भगवान महावीर स्वामी के प्रथम गंधर गौतम गंधर स्वामी का निर्वाण स्थली है, यहाँ भी एक प्राचीन जलमंदिर है।
  5. पावापुरी (नालंदा) :- जैन धर्म के अंतिम 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की पावन निर्वाण भूमि है, यहाँ एक भव्य आकर्षित संगमरमर से निर्मित जलमंदिर है जिसमें भगवान महावीर स्वामी का प्राचीन चमत्कारी चरण पादुका है। यहाँ भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव बिहार राज्य सरकार के स्तर पर मनाया जाता है एवं भगवान महावीर स्वामी का अंतिम उपदेश (समवशरण) स्थली है।

☆● श्री सलोने पार्श्वनाथ अतिशय प्राचीन क्षेत्र , बिहारशरीफ (नालंदा)

  1. कुण्डलपुर (नालंदा):- प्राचीन जैन धार्मिक मान्यतानुसार भगवान महावीर स्वामी की गर्भ और जन्म स्थली है।
  2. राजगृह (नालंदा) :- भगवान महावीर स्वामी की प्रथम देशना स्थली, महावीर स्वामी की प्रथम दिव्य वाणी राजगृह में ही खिरी थी। जहां विपुलांचल पर्वत पर समवसरण भव्य स्मारक बना है। एवं भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी की गर्भ, जन्म ,तप, ज्ञान (चार कल्याणक) तथा 23 तीर्थंकरों की समवशरण स्थली, 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की तप स्थली।
  3. कमलदह जी (पटना सिटी) :- जैन धर्म के महामुनि सेठ सुदर्शन स्वामी का निर्वाण भूमि है।

☆● श्री 1008 भगवान सुपार्श्वनाथ अतिशय अतिप्राचीन क्षेत्र , नौबतपुर (पटना)

  1. वैशाली :- आधुनिक विद्वानों की शोध के अनुसार भगवान महावीर स्वामी की जन्म स्थली वैशाली (कुण्डग्राम) कहलाता है।

कहा जाता है कि भगवान महावीर का यहाँ ननिहाल था।

  1. आरा (भोजपुर) :- आरा बिहार का एकमात्र जैन धर्मनगरी कहलाता है, बताया जाता है कि यहाँ सबसे अधिक जैन मंदिर जिनालय, चैतल्या अवस्थित है। जहाँ भगवान महावीर ने भ्रमण के दौरान विश्राम किया था, तो यह भूमि महावीर स्वामी की विश्राम स्थली के नाम से भी जाना जाता है।

11• भद्दिलपुर तीर्थ, डोभी (गया) :- जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ की गर्भ, जन्म स्थली है।

12• मिथिलापुरी जी, जनकपुर-नेपाल सीमा समीप (सीतामढ़ी):- आधुनिक विद्वानों के शोध अनुसार जैन धर्म 19वें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ एवं 21वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ की गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान  (चार कल्याणक) भूमि मिथिलापुरी जी क्षेत्र है।《निर्माणाधीन तीर्थ क्षेत्र》

  • श्री दिगम्बर जैन मंदिर (गया जी)
  • ये सभी जैन तीर्थों पर देश-विदेश से सालोभर जैन तीर्थयात्रियों का आवागमन जारी रहता है।

 

 प्रवीण जैन (पटना)

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