गुरु विराग सागर व शिष्या विकाम्या श्री के महामिलन को देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, आचार्य चरण वंदना पर मंझवा में उमड़ा जनसैलाब ।

मिर्जापुर : दिगम्बर जैन श्रमण परम्परा के महान संत परम पूज्य राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज पदविहार के दौरान अपने विशाल संघ 40 पिच्छी साधु-साध्वियों के साथ रविवार को उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मंझवा गांव पहुंचे। जहां विराजमान श्रमणी आर्यिका 105 विकाम्या श्री माता जी के नेतृत्व , आर्यिका विगूँजन श्री माता जी के दिशा-निर्देशन में क्षुल्लिका 105 विरज श्री माता जी , क्षुल्लिका विचिंतन श्री माता जी ससंघ के साथ सम्पूर्ण सकल दिगम्बर जैन समाज ने हर्षोल्लासपूर्वक गुरुदेव गणाचार्य श्री ससंघ की भव्य अगवानी की।

  • लहराते जैन पंचरंगे ध्वज के बीच गाजे-बाजे के साथ की गई 40 पिच्छी चतुर्विध विशाल ससंघ की भव्य अगवानी।
  • गुरुदेव के जयकारों व जैन संदेशों के जयघोष से गुंजायमान हुआ वातावरण।
  • गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के भव्य स्वागत में बनाई गई अद्भुत रंगोली व तोरण द्वार , श्रद्धालुओं ने जमकर किया पुष्प वृष्टि।
  • गुरु विराग सागर जी व शिष्या विकाम्या श्री का 1 साल 1 माह बाद हुआ मंगल मिलन , आर्यिका श्री ने की आचार्य चरण वंदना। अपने शिक्षा-दीक्षा गुरु को देख आर्यिका विकाम्या-विगूँजन श्री माता जी की आंखे हो गई नम।
  • गणाचार्य श्री गुरुदेव के सिंहासन पर विराजमान होने के पश्चात आर्यिका विकाम्या श्री माता जी ससंघ ने परिक्रमा लगा की चरण वंदना , गुरुदेव का किया गया पंचामृत पाद प्रक्षालन व सुसज्जित थाल से मंगल आरती ।
  • इस महामिलन चरण वंदना के अलौकिक दृश्य को देखकर भाव-विभोर हो गए श्रद्धालु।
  • इस अवसर को उत्साहपूर्वक झूमते-नाचते भक्त तालियों की गड़गड़ाहट से अभूतपूर्व बनाया।
  • कार्यक्रम के उपरांत पूज्य गुरुदेव का हुआ मंगल प्रवचन , गांववासियों के धर्म के प्रति समर्पण , उत्साह , अनूठी श्रद्धा देख गणाचार्य श्री भी हो गए प्रभावित , मंझवा जैन समाज की गुरुदेव ने खूब की प्रसंशा।
  • श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मंझवा में जैन संतों के जत्था ने किया दर्शन-ध्यान।
  • विशाल चतुर्विध ससंघ को देख बस टक-टकी लगाए रह गए ग्राम वासी। गुरुदेव का दर्शन , आशीर्वाद , वात्सल्य पाकर जन-जन का मन हो गया प्रफुल्लित।
  • भक्तों ने कहा दिगम्बर जैन साधुओं की साधना देख रोम-रोम पुलकित हो गया। धन्य है ऐसे साधक जिन्होंने अनेक उपसर्गों पर विजयी प्राप्त कर जिनशासन के धर्म प्रभावना में कठिन साधना कर रहे है।
  • गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ के पद विहार का प्रमुख संदेश अहिंसा , व्यसन मुक्ति , शाकाहार , बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ , स्वच्छ भारत अभियान जैसे कई संदेश शामिल है।
  • जिससे देश के राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , कई मुख्यमंत्री , सांसद , विधायक , अनेक शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने प्रभावित होकर समर्थन प्रदान किया है। साथ ही पूज्य गणाचार्य श्री गुरुदेव का दर्शन कर चरण वंदना भी की है।
  • इस संदेश को लेकर विशाल संघ ने अबतक 14 राज्य होते हुए अनेक तीर्थ और धर्मनगरियों की यात्रा कर चुकी है।

 

— प्रवीण जैन (पटना)

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