अस्वस्थ्य होने के बाद भी नहीं रुकी मुनिश्री तरुण सागर की तप और साधना

अपने कड़वे प्रवचनों के लिए विख्यात मुनिश्री तरुण सागर जी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ्य चल रहे हैं। उनके स्वास्थ्य के संबंध में कई तरह की अफवाहें और फेक न्यूज सोशल मीडिया पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा डाली जाती रही हैं और समय-समय पर उनके भक्तों को सही जानकारी देने के लिए उनके साथ रहने वाले ब्रह्मचारी भैयाजी द्वारा अफवाहों का खंडन करते हुए सही जानकारी उपलब्ध कराते रहे हैं। फिलहाल जैन मुनिश्री तरुण सागर जी पीलिया से ग्रसित हैं और लगभग 15 दिनों से पीलिया ज्यादा तकलीफदेह हो गया है।

दिल्ली के कृष्णानगर राधेपुरी स्थित जैन मंदिर में मुनिश्री का चातुर्मास चल रहा है। ब्रह्मचारी सतीश भैया ने बताया कि मुनिश्री की सेहत में पहले से कुछ सुधार हुआ है किंतु उनका शरीर काफी कमजोर हो गया है और उन्हें आराम की जरुरत है। हालांकि इतनी अस्वस्थ्ता की स्थिति में भी अपनी इच्छाशक्ति और तपस्या के बल पर आम जीवन व्यतीत कर रहे हैं और प्रात: 05.00 बजे उठकर, ध्यान, तप और साधना करते हैं। उनका शरीर फिलहाल काफी कमजोर हो गया है और वजन भी 12 किलो कम हुआ है। पूरे देश में मुनिश्री के अनन्य भक्त चिंतित हैं। इसलिए मुनिश्री ने  अपने सभी भक्तों को संदेश दिया है कि कोई चिंता की बात नहीं है, कुछ दिन में सब ठीक हो जाएगा। बता दें कि मुनिश्री अपनी प्रखर शैली के लिए विख्यात हैं और लगभग एक साल से प्रवचन नहीं दे रहे हैं। गुरुपूर्णिमा पर भक्तों को कुछ देर आशीर्वचन दिये।

मुनिश्री की अस्वस्थ्ता की खबर लगते ही योगगुरु बाबा रामदेव उनका हाल-चाल लेने हरिद्वार से आये और उन्होंने कुछ औषधि भी हरिद्वार से मुनिश्री जी के लिए भिजवाई। मुनिश्री केवल 24 घंटे में एक बार खाने के साथ ही औषधि का सेवन कर रहे हैं।  हम सभी मुनिश्री के जल्द स्वस्थ्य होने की मनोकामना ईश्वर से करते हैं।

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