त्यागना है तो सर्वप्रथम हिंसा को त्यागो

राजस्थान के कुमाचन सिटी डीडवाना रोड स्थित जैन मन्दिर में प्रवासरत जैन मुनि प्रमाण सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। मंगलवार प्रात: मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीन में यदि कल्याण चाहते हो तो परमपिता परमात्मा का अनुसरण करो और उनके दिखाये मार्ग को प्रशस्त करो। ऐसा करने से जीवन का कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की शरण में रहने वाला व्यक्ति कभी भी दुखी और परेशान नहीं रह सकता। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि अगर जीवन में त्याग करना है तो सर्वप्रथम हिंसा का त्याग करो। मुनिश्री के प्रवचन के बाद जिनवाणी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विधायक विजय सिंह चौधरी, पालिका अध्यक्ष हरीश कुमावत, ज्ञानाराम रणवां, कमल पहाड़िया, सुभाष पहाड़िया, कमल बज, विजय बज समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाराजश्री से कुमाचन सिटी चातुर्मास करने का अनुरोध किया।

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