जैन संत की अंत्येष्टि के स्थान पर किया जाएगा जैन मंदिर का निर्माण

मुम्बई में दिवंगत जैन संत तपगच्छाधिपति श्री प्रेमसूरिर जी के देवलोक गमन के बाद उनके अंतिम संस्कार के अलावा अन्य धार्मिकविधियों के लिए सामाजिक सहयोग एकत्रित किया जाता है। इसीलिए मुम्बई के 5 लोगों की टीम में 1 डाक्टर समेत 4 उद्योगतियों ने 11 करोड़ से ज्यादा की अभी तक की सबसे ज्यादा रकम की बोली ली और उन्होंने परिवारीजन सहित जैन मुनिश्री की अंत्यविधि सम्पन्न की। जानकारी के अनुसार सभी की सहमति से एक अच्छी पहल की शुरूआत की गई कि एकत्रित धन का पूर्ण उपयोग अत्येष्टि में न करके एक जैन मन्दिर निर्माण में किया जाए। बता दें कि राजस्थान में जन्मे और गुजरात को अपनी दीक्षा और कर्मभूमि बनाने वाले जैन संत तपगच्छाधिपति श्री प्रेमसूरिर जी देश के सबसे उम्रदराज जैन संत थे। उन्होंने मात्र 11 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर ली थी। अपनी मिलनसारिता और सहज स्वभाव के कारण वे सबसे लोकप्रिय संत थे। यही कारण था कि उनके इसी स्वभाव के कारण देश के बड़े-बड़े राजनेता उनका आशीर्वाद पाने को लालायित रहते थे। उनकी अंतिम पालकी यात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ आया। उनको श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फणणवीस और बीजेपी विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

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