जैनाचार्य विराग सागर संघ का सिद्ध क्षेत्र मंदारगिरी से सम्मेद शिखर जी के लिये हुआ मंगल विहार

बौंसी (बांका): दिगम्बर जैन श्रमण परम्परा के महान संत पूज्य राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज अपने विशाल संघ 55 पिच्छी साधु-साध्वियों के साथ शुक्रवार को प्रातः 6 बजे मंदारगिरी से श्री सम्मेद शिखर जी (झारखंड) की ओर रवाना हुए। शुक्रवार को गणाचार्य ससंघ का आहार श्यामबाजार के समीप और रात्रि विश्राम हसडीहां के समीप हुआ।

मंगल विहार के पूर्व बौंसी स्थित दिगम्बर जैन कार्यालय मंदिर में गणाचार्य श्री ससंघ के सानिध्य में प्रातः बेला जिनेन्द्र प्रभु का अभिषेक , शांतिधारा कर अष्ट द्रव्य अर्घ्य समर्पित किया गया।

वहीं, जैन संतो के विशाल जत्था चम्पापुर सिद्ध क्षेत्र भागलपुर का तीर्थ पदयात्रा के पश्चात विहार कर गुरुवार को मंदारगिरी पहुंचे। जहां जैन धर्म के 12 वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी के तप , ज्ञान व निर्वाण भूमि से सुशोभित मंदार पर्वत शिखर पर भगवान वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में दर्शन ध्यान किया। साथ ही गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज तप कल्याणक गुफा में अपने पूरे संघ के साथ ध्यान लगाया और दिव्य देशना देकर मुनियों व श्रावकों को सत्य , अहिंसा , अपरिग्रह , अस्तेय , संतुष्टि , किसी की बुराई नही करनी , आपसी मतभेद या मनभेद को अपने गुरु या आपस तक ही सीमित रखना , किसी भी व्यक्ति के प्रति मन में गलत विचार नही लाना जैसे अनेक दिव्य वाणी को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।

वहीं , संध्या बेला में कार्यालय मंदिर में जैन समाज ने जैन संतो के विशाल जत्था का मंगल आरती , पाद प्रक्षालन कर जोरदार स्वागत किया। मंदिर प्रांगण में संतो के स्वागत में श्रावकों द्वारा जगह-जगह पर अद्भुत रंगोली बनाई गई थी।

क्षेत्र प्रबंधक पवन कुमार जैन ने बताया कि भारतीय वसुंधरा पर अध्यात्म की सच्ची अलख जगाने में दिगम्बर जैन श्रमण संतो का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। धर्म संस्कृति की सुरक्षा के साथ साथ मानवीय सूत्रों का विकास करना संतो का प्रमुख उद्देश्य रहा है। जैन संतो की कठिन त्याग , तपस्या , साधना के सामने सम्पूर्ण संसार नतमस्तक है। ऐसे महान संतो का दर्शन , उनके प्रसन्न दृष्टि का आशीर्वाद , उनके सेवा का अवसर जिसे भी मिलता है उसका जीवन निश्चित रूप से सफल हो जाता है।

जानकारी देते हुए प्रवीण जैन ने बताया कि गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ के इस विशाल पदयात्रा का प्रमुख संदेश अहिंसा , व्यसन मुक्ति , शाकाहार , बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ , स्वच्छ भारत अभियान जैसे कई संदेश शामिल है। जिससे देश के राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , कई मुख्यमंत्री , सांसद , विधायक , अनेक शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने प्रभावित होकर समर्थन प्रदान किया है और गणाचार्य श्री गुरुदेव का दर्शन कर चरण वंदना भी की है। इस संदेश को लेकर विशाल संघ ने अबतक 14 राज्य होते हुए अनेक तीर्थ और धर्मनगरियों की यात्रा कर चुकी है।

 

प्रवीण जैन (पटना)

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