21 फुट ऊंची भगवान शांतिनाथ की मनोहारी प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक

ग्वालियर, गेंडेवाली सड़क स्थित दिगम्बर जैन मंदिर नसिया जी में 21 फुट ऊंची भगवान शांतिनाथ की मनोहारी प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक हुआ। इस दौरान मुनिश्री विहर्ष सागर जी महाराज ने कहा कि पूजनीय पुरुषों के गुणों के प्रति अनुराग रखना ही सच्ची भक्ति है। भगवान की भक्ति का अर्थ है, उनके गुणों को प्राप्त करने की भावना आना। भक्त भक्ति के माध्यम से मात्र भगवान बनने की कामना करना है। जैसे दर्पण में चेहरा देखकर लगे दागों को धोया जाता है, ठीक वैसे ही भगवान के दर्शन करके दोषों को दूर करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि गुरू की संगत मन की बैटरी को चार्ज कर देती है। साधु की संगत से मन और आत्मा निर्मल हो जाती है। अभिमान छोड़ने वाले को ही भगवान दर्शन देते हैं। इस मौके पर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष डा. वीरेंद्र गंगवाल, प्रमोद टोग्या, प्रशांत गंगवाल, अजीत वरैया, सतीश अजमेर, विनय कासलीवाल, महेंद्र कुमार टोग्या, प्रवक्ता सचिन जैन आदि ने मुनिश्री के चरणों में श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर मुख्यअतिथि महापौर विवेक नारायण शेजवलकर एत्तं खेमचंद्र गौरवानी पाषर्द, भाजपा के वरिष्ठ पारस  जैन एवं पाषर्द विकास जैन ने भी मुनिश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुनिश्री ने कहा कि गेंडेवानी का नाम शांतिनाथ मार्ग रखें। इस पर महापौर ने आासन देते हुए कहा कि मैं पूरा प्रयास करूंगा कि इस मार्ग का नाम शांतिनाथ मार्ग रख जाए।

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