MBBS गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर बनी जैन साध्वी


मूल रुप से राजस्थान के रहने वाली हाली ही में मुम्बई निवासी एमएमबीबीएस डा. हिना तीन साल तक लोगों को डाक्टरी के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद 18 जुलाई को पूरी रीति-रिवाज के साथ जैन साध्वी की दीक्षा ग्रहण कर ली। डा. हिना के इस चौकाने वाले फैसले में भी परिवारीजनों ने पूरा साथ दिया और भव्यतापूर्ण समारोह में उसने अपना सब कुछ छोड़ भगवान के चरणों में स्वयं को अर्पित कर डा. हिना हिंगड़ से साध्वी विशारद मालाश्री जी बन गई।

30 साल की गोल्डमेडलिस्ट परिवार की प्यारी बेटी डा. हिना का त्याग और समर्पण देखकर पिता की आंखें आंसू से भर आयी किंतु एक पिता होने के नाते खुशी और गर्व था कि उनकी बेटी इतनी कम उम्र में साध्वी बन रही है। पांच बहनों में हिना सबसे बड़ी हैं। जिन बहनों के साथ बचपन बीता, जिस बड़ी बहन से मां का प्यार-दुलार मिला, उसे साध्वी बनता देख सभी का दिल पसीज गया। कल हुए एक भव्य समारोह में जैनाचार्य यशोवर्म सूरीर जी महाराज ने डा. हिना को साध्वी पद की दीक्षा प्रदान की।

अब से वे साध्वी विशारद मालाश्री जी के नाम से जानी जाएंगी। जैसे-जैसे डा. हिना साध्वी बनने से पूर्व की क्रियाओें को कर रही थी, वैसे-वैसे उनके परिवारीजनों के आंख से लगातार आंसुओं की धारा रुप नहीं रही थी। सारी क्रियाएं पूर्ण कर उन्होंने केशलोंच किया तत्पश्चात सफेद वस्त्र कर लिए। ये अपने धर्म के प्रति आस्था और समर्पण का ही द्योतक है कि इतनी कम उम्र में शानदार कैरियर, धन-सम्पत्ति, घर-द्वार, परिवारीजनों का त्याग कर सफेद वस्त्र में पूरा जीवन साध्वी बनकर धर्म की राह पर चलेगी।


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