आज हुआ मुनि सुधा सागर जी का मंगल प्रवेश, 12 से शुरू पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव।

मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज ने शुक्रवार उदयपुर शहर के बाहुबली विहार स्थित वासु पूज्य श्री दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित प्रवचन में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जैन कुल में जन्मे हर श्रावक को बारह व्रतों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्रत गृहस्थी में विघ्न डालने के लिए नहीं बल्कि गृहस्थ जीवन को व्यवस्थित रखने के लिए किये जाने हैं। जो व्यक्ति व्रत कर्म का फल प्राप्त करने के लिए करता है, वो व्रत नहीं होता। मुनि बनने और मोक्ष प्राप्त करते का आनंद तो सभी को आता है किंतु मोक्ष प्राप्ति के लिए तपस्या करने में जो आनंद आता है, वही असली परीक्षा है।उन्होंने कहा कि महावीर का उपदेश मोक्ष प्राप्ति के लिए नहीं होकर संसार में व्यवस्थत ढ़ंग से जीने के लिए था।

महाराज को भव्य शोभायात्रा के साथ बाहुबली विहार से सवीना श्री दिगंबर जैन मंदिर होते हुए नेमिनाथ कालोनी स्थित नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया। जलूस में पुरुष धवल वस्त्र और महिलाएं केसरिया साड़ी पहनकर शोभायात्रा में हिस्सा लिया। शोभायात्रा मार्ग में 101 स्वागत द्वार लगाये गयें, जहां श्री पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति संयोजकों द्वारा महाराज श्री का अभिनंद किया गया। प्रचार संयोजक शांतिकुमार कासलीवाल ने कहा कि 12 से 18 मई तक आयोजित होने वाले 1008 मज्जिनेंद्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं वि शांति यज्ञ में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर चित्रकूट नगर एवं श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर नेमिनाथ कालोनी के पंच कल्याणक में 12 मई को कार्यक्रम के पहले दिन ध्वजारोहण आर.के. मार्वल के विमल पाटनी परिवार द्वारा किया जाएगा। इसके बाद 13 से 18 मई तक प्रतिदिन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

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