हर्षाेल्लास से मनाया तीर्थंकर आदिनाथ का जन्म व दीक्षा कल्याणक

तीर्थंकर आदिनाथ भगवान को वन्दन करते हुए साध्वी, श्रावक-श्राविकाएं

बाड़मेर । 28 मार्च 2019 । जैन धर्म के संस्थापक व प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म व दीक्षा कल्याणक गुरुवार को साध्वीश्री भावितगुणाश्री म.सा. की पावन निश्रा में विश्व शांति मंच बाड़मेर के तत्वावधान में विभिन्न संस्थाओं व मंडलो के सहयोग से आदिनाथ जिनालय, पार्श्वनाथ जिनालय व आराधना भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।

विश्व शांति मंच के संयोजक मुकेश बोहरा अमन ने कहा कि जैन धर्म के आदि तीर्थंकर आदिनाथ भगवान इस सम्पूर्ण सृष्टि में सम्पूर्ण जीवों के कल्याण कारक एवं अहिंसा आन्दोलन के प्रथम प्रणेता थे। उन्होंनें प्राणीमात्र के कल्याण, उद्धार व मुक्ति के साथ-साथ अहिंसात्मक जीवन की प्रेरणा दी। जैन धर्म के पहले तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक एवं दीक्षा कल्याणक के अवसर पर चैत्र शुक्ल नवमीं गुरुवार को बाड़मेर शहर में खागल्ल मोहल्ला स्थित श्री आदिनाथ जिनालय एवं श्री चिन्तामणि पार्श्वनाथ जिनालय में प्रातः में विश्व शान्ति एवं जीवमात्र के कल्याण को समर्पित शान्ति-स्नात्र पूजा का आयोजन किया गया । वहीं दोपहर में आदिनाथ को जानो प्रश्नोत्तरी आयोजित हुई जिसमें बड़ी संख्या बालक-बालिकाओं ने भाग लिया । संध्या में आदिनाथ भगवान जिनालय, खागल्ल मोहल्ला में 108 दीपकों की महाआरती, पालणा झूलाना व  भक्ति-भावना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । जहां आदिनाथ भगवान का जन्म व दीक्षा कल्याणक मनाते हुए जैन-भजनों पर भक्ति की गई ।

प्रवक्ता चंद्रप्रकाश छाजेड़ ने बताया कि हरवर्ष की भांति विश्व शान्ति मंच के साथ-साथ श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक युवक महासंघ, बाड़मेर, कुशल भक्ति मण्डल, चिन्तामणि समर्पित गु्रप, जैन सोशियल ग्रुप, जैन युवा संगठन, आदिनाथ महिला मण्डल, बाड़मेर की भागीदारी से जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म व दीक्षा कल्याणक हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया ।

इस दौरान पुखराज लूणिया, मुकेश बोहरा अमन, चन्द्रप्रकाश छाजेड़, जेठमल वड़ेरा, महेश सिंघवीं, हनुमानदास बागरेचा, मदन बोहरा, छोगालाल मेहता, चन्दनमल सेठिया, सोहन संखलेचा, चमन वड़ेरा, धीरज श्रीश्रीमाल, मेघराज श्रीश्रीमाल जमना बोहरा, सुशिला धारीवाल, उषा वड़ेरा, कंचन गोलेच्छा हालावाला, रितु सिंघवीं, हर्षा वड़ेरा, पिंकी श्रीश्रीमाल, पूजा सिंघवीं, महुल पुजारी सहित कई श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रही।

–चन्द्रप्रकाश छाजेड़


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