Adishwargiri, Madhya Pradesh


आदीश्वरगिरी क्षेत्र में स्थापित विभिन्न अतिशयकारी प्रतिमायें ९ वी – १० वी शताब्दी से २१ वी शताब्दी तक की हैं | जिनालय में स्थापित आदिनाथ की दों एवं महावीर भगवान की एक पद्मासन एवं खंडगासन प्रतिमाओ में दिव्य घोषक, त्रक्षत्रय, चँवरधारक एवं देवी देवताओ सहित अष्ट प्रतिहार्यो आदि का स्पष्ट शिल्पांकन किया गया है | महावीर भगवान की दुर्लभ धर्मचक्र प्रवर्तित पद्मासन मुद्रा बहुत ही सोभ्य एवं मनोहरी हैं आदिश्वगिरी के समीप से एक विशाल पाषाण फणमंडल देवी देवताओ से सहित अवशेषों के रूप में प्राप्त हुआ है जो भगवन पार्श्र्वनाथ की भव्य प्रतिमा का अंश होगा और इस तथ्य का भी संकेत है की परिश्रम व सहयोग से भूगर्भ से बहुमूल्य प्रतिमाये, मंदिरो के अवशेष आदि प्राप्त किये जा सकते है | क्षेत्र पर बहुतायत में ऐसे शिलाखंड है जिन पर जैन दिगंबर प्रतिमाओ एवं उनके अंश (अंग-उपांग) अंकित है | क्षेत्र पर कुआँ उत्खनन के दौरान गोल ताम्र सिक्का भी प्राप्त हुआ है |

Adishwargiri is situated at the meeting point of the rivers Byarma and Goraiya in the state of MP. Judging from the number of sites of old temples, which are scattered in and around the village, Nohta must have been at one time a place of prominence and centre of art and culture. The temples and idols here belonged to the 9th century era. But the temples are now totally ruined and if no immediate rescue is done, very soon we might lose the site of ruins that stands today.

Bhagwan Adinath, Bhagwan Mahavir Swami Khadgasan and Padmasan Statue

Damoh – Jabalpur Rajmarg, Jain Atishay Kshetra Adishwargiri, Damoh District, Chandel Shashak.

 

Nearby Places:

Damoh 23 km.

 


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