सिद्धों की अराधना का छठवां दिन, महासती मैना सुंदरी नाटक का हुआ मंचन


जयपुर 4 मार्च। दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म ,गायत्री नगर में 4 मार्च को प्रातः 7:30 बजे से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के अवसर पर सिद्धों की आराधना करते हुए पंच परमेष्ठियों के अर्घ्य प्रदुमन शास्त्री जयपुर के निर्देशन में चढाए गए। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबडा ने अवगत कराया कि मूलनायक बेदी पर श्री जी के प्रथम अभिषेक शांतिधारा ,जितेंद्र बाकलीवाल प्रदीप बाकलीवाल, राहुल झांझरी ने किए ।

तत्पश्चात सिद्धचक्र महामंडल विधान के पंडाल में अभिषेक शांतिधारा सोधर्म इद्र उदयभान जैन बडजात्या, चक्रवर्ती अशोक पापड़ीवाल, आणत इन्द्र प्रकाश बाकलीवाल ,शुक्र इंद्र वीरेन्द्र अजमेरा, ब्रह्मोत्तर इन्द्र गैंदमल जैन एवं समस्त इद्रों ने अभिषेक शांतिधारा की।

राजेश बोहरा मंत्री मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार सिद्धचक्र महामंडल विधान में प्रदुम्न शास्त्री जी के निर्देशन में, संगीतकार अविनाश एवं समाज सेविका सुनंदा अजमेरा की मधुर आवाज में 212 अर्घ्य सोधर्म इद्र — इंद्राणी उदयभान जैन- अनिता बड़जात्या ,कुबेर इन्द्र मुकेश -संगीता सोगानी, महायज्ञ नायक अनिल अमिता गोधा, चक्रवर्ती अशोक विमला पापड़ीवाल , प्रमिला शाह एवं विधान में बैठने वाले सभी इंद्र इन्द्राणियों ने भक्ति भाव से अर्घ्य चढाए।

मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने अवगत कराया चक्रवर्ती अशोक पापड़ीवाल परिवार ने यंत्र पर अभिषेक व जल समर्पित किया। सांय महाआरती के पश्चात महासती मैना सुंदरी नाटक की प्रस्तुति की,जिसमें दीप प्रज्वलन सारसमल पदम झांझरी परिवार ने किया ,मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तिलक, माला दुपट्टा, शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। उक्त नाटक के प्रमुख सूत्रधार पदम झांझरी, संगीता छाबड़ा , निर्देशन सुरेश कुमार महुआ का था । कलाकार स्थानीय महिलाएं व बालिकाएं थी सभी को पारतोषिक संतोष गंगवाल द्वारा प्रदान किए गए।सभीने उक्त नाटक की भूरि भूरि प्रशंसा की।


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