सिद्धचक्र महामंडल विधान विश्व शांति महायज्ञ के साथ संपन्न: भगवान के 1008 गुणों के अर्घ्य समर्पित


जयपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म ,गायत्री नगर में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के सातवें व आठवें दिन भगवान के 1008 गुणों के अर्घ्य समर्पित हुए , विश्व शांति महायज्ञ हुआ , तत्पश्चात मंगल कलश सोधर्म इन्द्र -इंद्राणी उदयभान जैन अनीता बड़जात्या के निवास पर उनको बग्गी में बैठाकर बैंड बाजे ,संपूर्ण समाज के साथ भव्य जुलूस के रूप में ले जाया गया।

मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबडा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सभी के सहयोग से, प्रतिष्ठाचार्य प्रदुमन जैन के निर्देशन में सोधर्म आदि इंद्रों के नेतृत्व में भक्ति भाव से सिद्धों की आराधना की गई ,गायत्री नगर के इतिहास में यह शानदार कार्यक्रम हुआ ,सभी को धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।

उपाध्यक्ष अरुण शाह ने संचालन करते हुए सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान प्रबंध समिति की ओर से किया गया । सिद्धचक्र महामंडल विधान में सोधर्म इन्द्र – इंद्राणी उदयभान जैन अनीता बड़जात्या , कुबेर इन्द्र मुकेश संगीता सोगानी, महायज्ञ नायक अनिल अमिता गोधा चक्रवर्ती भूपेंद्र लुहाडिया सुनील रावका( बयाने वाले) गजेंद्र छाबड़ा , प्रकाश बड़जात्या त्यागी वृति निर्मला गंगवाल ,विमला पापडीवाल , प्रमिला शाह ,साक्षी सोनी एवं सभी इंद्र- इन्द्राणियों , विधान में बैठने वाले सभी ने मिलकर 1008 अर्घ्य समर्पित किए ।

इस अवसर पर प्रदुमन शास्त्री ने कहा कि सभीने भक्ति से सिध्दों की आराधना की है जो हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने बताया कि 1008 गुणों के कारण भगवान के नाम के सामने 1008 लिखा जाता है, सिद्धचक्र विधान में उन्हीं 1008 गुणों के अर्घ्य समर्पित किए गए हैं। मंदिर प्रबंध समिति के महामंत्री राजेश बोहरा ने बताया कि इस अवसर पर बीना टोंगा ,अनीता बड़जात्या , उदयभान जैन ने भी अपने विचार रखते हुए मन्दिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबडा टीम की शानदार धर्म कार्य व विधान में अच्छी व्यबस्थाओं के लिए सराहना की गयी।

महायज्ञ नायक अनिल गोधा की घोषणा के साथ ही विश्व शांति महायज्ञ प्रारंभ हुआ , मंडप की भक्ती के साथ परिक्रमा लगायी, सिद्धचक्र महामण्ल की महा आरती हुई तत्पश्चात मंडप का विसर्जन हुआ। मन्दिर जी से सोधर्म इन्द्र – इन्द्राणी, मंगल कलश की भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई , जो उनके निवास पर पहुॅची ।


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