आत्मा में कर्म की आहुति दें ताकि कर्मातीत बन सकें : मुनि श्री अभय सागर जी महाराज


ललितपुर। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री अभय सागर जी महाराज, मुनि श्री प्रभात सागर जी महाराज, नगर गौरव मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में नई बस्ती स्थित आदिनाथ मंदिर के प्रांगण में चल रहे अष्ट दिवसीय सिद्ध चक्र महा मंडल विधान का समापन आज विश्व शांति महायज्ञ में पूर्णाहुति के साथ भारी उत्साह पूर्वक संपन्न हो गया, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

विधि विधान की समस्त क्रियाएं ब्र. नितिन भैया खुरई, ब्र. मनोज भैया और ब्र. अन्नू भैया ने संपादित कराई।
इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन डॉ. सुनील संचय, मुकेश शास्त्री, पं. आलोक शास्त्री, राजेश शास्त्री आदि समागत सभी विद्वानों ने किया। मुनित्रय के कर कमलों में शास्त्र भेंट पदमा जैन मयंक इलेक्ट्रिकल परिवार, जयकुमार जैन जतारा परिवार और मनीष जैन के परिवार ने किया।

इस अवसर पर उपस्थित विशाल जन समुदाय को अपनी दिव्य देशना में संबोधित करते हुए मुनि श्री अभय सागर जी महाराज ने कहा कि हवन अंतरंग की बुराइयों को दूर करता है। इस हवन में की गयी पूर्णाहुति से मन में पवित्रता लाएं, आत्मा में कर्म की आहुति दें ताकि हम भी कर्मातीत बन सकें , हम भी मोक्ष लक्ष्मी प्राप्त कर सिद्धालय में विराजमान हो शाश्वत सुख को प्राप्त कर सकें। एक दिन का संस्कार भी जीवन की उन्नति में कारण बन सकता है। ललितपुर में आचार्यश्री के 50वें स्वर्णिम संयम महोत्सव के उपलक्ष्य में संत भवन शुभारंभ होना अनूठा कार्य है।

मुनि श्री प्रभात सागर जी ने इस अवसर पर अपने प्रवचन में कहा कि जो व्यक्ति पूजा, ध्यान, जाप करता है उसके पास पाप नहीं आते हैं और उसके पाप नष्ट हो जाते हैं।पाप बंध वाले कार्यों से बचें। मानव की पर्याय बड़ी दुर्लभतम है, इसे व्यसनों में मत गमाओं। गुटका आदि खाना हानिकारक है। ऐसी चीजों का हमें त्याग करने का संकल्प लेना चाहिए। जो इस विधान में आठ दिनों में पूण्य अर्जित किया है, वह भव-भव तक काम आएगा।

इन्हें मिला मुख्य कलश प्राप्त करने का सौभाग्य : विधान के पांच मुख्य चांदी मङ्गल कलश प्राप्त करने का सौभाग्य क्रमशः इन्हें प्राप्त हुआ -1. चम्पालाल, कमलेश जैन जरावली परिवार, 2. विनोद जैन, मोहित, अमित जैन , आशीष जैन परिवार, 3.हरीश कुमार मंजू जैन मुफ़लिस परिवार, 4. भूपेंद्र भैया, शीला जैन, वीरेंद्र , नमन समस्त सिंघई परिवार,5. कुन्दनलाल मंजू जैन समस्त रसिया परिवार।

इसके अलावा आचार्य विद्यासागर संयम स्वर्ण कलश प्राप्त करने का सौभाग्य राजेन्द्र जैन, गुलाब , अंशुल जैन कैलरावा समस्त परिवार और डॉ अनिल जैन-इंद्रा जैन उत्तमचंद राकेश समस्त परिवार को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर संगीतकार पारस अम्बर एंड पार्टी की मधुर स्वर लहरियों के बीच देव, शास्त्र, गुरु की पूजन,आदिनाथ भगवान की पूजा, जिनवाणी माता की पूजा और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजन बड़े ही भक्तिभाव से विधि विधान पूर्वक संपन्न की गई, जिसमें भक्त भक्ति में झूम उठे।

इस अवसर पर अनेक लोगों ने मंदिर जी को दान देने की घोषणा की।
इस अवसर पर जैन पंचायत के महामंत्री डॉ अक्षय टडैया , संयोजक प्रदीप जैन सतरवांस,मुकेश सराफ, प्रबंधक शुभेन्दू जैन, जितेंद्र जैन राजू, अखिलेश गदियाना, मोदी पंकज जैन,सतेंद्र जैन गदियाना, डॉ सुनील संचय,मनोज बबीना,महेंद्र सिंघई, जिनेंद्र जैन,कुन्दनलाल जैन, मनोज भैया, भूपेंद्र भैया, अन्नु भैया,अमित भैया, शिखरचंद्र बंट, इंजीनियर मनोज जैन, सुरेश जैन, आलोक जैन शास्त्री, भगवानदास जैन कैलगुवा,कैलाश सराफ, सुबोध जैन, बाबूलाल बरया, राजेश जैन शास्त्री,शीलचंद, विनोद जैन,मुकेश जैन ,विकास जैन, प्रफुल्ल जैन, संतोष जैन, मनीष जैन, हरीश जैन, विजय जैन,अरविंद जैन आदि अनेक लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

संचालन महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने किया।
आभार प्रबंधक शुभेन्दू बंट और जितेंद्र जैन राजू ने व्यक्त किया।
आयोजन के पश्चात सम्पूर्ण जैन समाज को शीलचंद्र विनोद कुमार, जिनेंद्र कुमार जैन बछरावनी परिवार की और से स्नेह भोज कराया गया।

जैन पंचायत ने किया सम्मानित :
हवन के पूर्व में दिगम्बर जैन पंचायत ने विधान के पात्रों, विधानाचार्यों, द्रव्य दातार, भोजन के पुण्यार्जन करने वाले, संगीतकार और अन्य सभी सहयोगियों का स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। जिसमें प्रमुख हैं विधानचार्य ब्र. नितिन भैया खुरई, स्नेह भोज दातार शीलचंद्र विनोद जिनेंद्र जैन बछरावनी परिवार, महायगनायक डॉ राजकुमार जैन, सौधर्म इंद्र विनोद जैन घी वाले, यज्ञनायक तरस चंद्र जैन, श्रीपालमैना सुंदरी- कुंदन जैन मंजू जैन, ध्वजारोहण कर्ता इंजीनियर मनोज जैन तथा विधान के अन्य प्रमुख पात्र अनुराग मोदी बंट, जिनेन्द्र सिंघई, संजय जैन कुम्हेडी, बैभव किसलवास, प्रेमचंद जाखलौन, अंतिम खिरिया, राजेन्द्र थनवारा, कपुरचंद्र बुखारिया, हरीश जैन मुफ़लिस,राजेन्द्र कैलवारा, वीरेंद्र जैन, प्रकाश चिरगाँव, संजय जैन, ब्रजेन्द्र बम्होरी, महेश मालथौन, उपस्थित त्यागी व्रती गण और विद्वतजन आदि को पंचायत के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया गया।

विधान में आकर्षण का केंद्र रहे दिल्ली के मंच कलाकार मनोज शर्मा की प्रस्तुतियां :
विधान के दौरान दिल्ली से आमंत्रित किये गए मंच कलाकार मनोज शर्मा और उनकी टीम की प्रस्तुतियां सभी का दिल छू गयी। रात्रि में प्रतिदिन प्रस्तुत एक से बढ़कर एक नाटकों ने सभी का दिल जीत लिया। मनोज शर्मा की उल्लेखनीय बात यह है कि मंच पर उनके साथी कलाकार अपनी प्रस्तुति की एक्टिंग करते हैं और मनोज शर्मा पर्दे के पीछे से अपनी आवाज देते हैं। नाटक के सभी पात्रों की आवाज मनोज शर्मा ही निकालते हैं, और उस आवाज को अमलीजामा मंच पर मौजुद कलाकार पहनाते हैं। हास्य-परिहास्य से परिपूर्ण उनकी नाटिकाओं ने लोगों के अनेक संदेश प्रदान किये। उन्होंने अपनी नाटिकाओं में बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान, उज्ज्वला योजना आदि अनेकानेक के बारे में भी बड़ी ही सुगमता से लोगों को संदेश दिया। माता-पिता की सेवा, क्रोध के परिणाम, दहेज प्रथा पर अच्छा संदेश दिया। भगवान पार्श्वनाथ और कमठ का उपसर्ग नाटिका खूब सराही गयी। माता-पिता की सेवा करने संबंधी नाटिका ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया, जिसमें बताया गया था कि आज किस तरह से लोग अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, उनका सम्मान तभी तक करते हैं जबतक उनके पास पैसा होता है। इस मानवीय गिरावट पर गहरी चोट की गई नाटिका के माध्यम से।

 

• डॉ सुनील जैन संचय

 


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