जैन समुदाय में साक्षरता प्रतिशत सबसे ज्यादा : जनगणना


नयी दिल्ली, भारत के धार्मिक समुदायों में साक्षरता दर सबसे ज्यादा जैनों की है इस समुदाय में 86 प्रतिशत से ज्यादा लोग शिक्षित हैं। जबकि निरक्षरता की दर सबसे ज्यादा 43 प्रतिशत मुस्लिमों में हैं

वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार जैनों में सात साल और उससे ज्यादा उम्र के 13.57 प्रतिशत लोग ही निरक्षर हैं।

जनगणना में छह साल तक की उम्र के बच्चों को निरक्षर माना जाता है।

सात साल से ज्यादा उम्र की श्रेणी में मुस्लिमों में सबसे ज्यादा 42.72 प्रतिशत निरक्षर हैं।

सात साल से ज्यादा उम्र की श्रेणी में धार्मिक सुमदायों के शिक्षा स्तर संबंधी ताजा आंकड़ों के अनुसार हिन्दुओं में यह संख्या 36.40 प्रतिशत है जबकि सिखों में 32.49 प्रतिशत, बौद्धों में 28.17 प्रतिशत, ईसाइयों में यह संख्या 25.66 प्रतिशत है।

हिन्दुओं में जहां साक्षर श्रेणी में 63.60 प्रतिशत लोग हैं वहीं मुस्लिमों में यह संख्या 57.28, ईसाइयों में 74.34 प्रतिशत और बौद्धों में 71.83 प्रतिशत है। सिखों में यह संख्या 67.51 प्रतिशत है।

स्नातक या उससे ज्यादा पढे लिखे लोगों के प्रतिशत के लिहाज से जैन सबसे आगे हैं।

आंकड़ों के अनुसार 25.65 प्रतिशत जैन की शिक्षा न्यूनतम स्नातक है जबकि ईसाइयों में यह प्रतिशत 8.85 और सिखों में 6.40 प्रतिशत है। हिन्दुओं में यह 5.98 प्रतिशत और मुस्लिमों में 2.76 प्रतिशत है।

आंकड़ों के अनुसार सभी समुदायों में साक्षरता की दरों में 2001 की अपेक्षा वृद्धि हुयी है।

Source : Navbharattimes.com


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