चंद्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक मनाया गया


कामां। सकल जैन समाज कामां द्वारा चंन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर  में चंन्द्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक धूमधाम के साथ मनाया गया। सकल जैन समाज कामां के मीडिया प्रभारी डी के जैन मित्तल ने बताया कि प्रातःभक्तामर विधान शास्त्री चेतन जैन श्रमण संस्कृति संस्थान मथुरा के सानिध्य में दिनेश चंद नवीन जैन परिवार द्वारा कराया गया।विधान के पश्चात सभी विधान में बैठने वाले धर्मप्रेमी बंधुओ के स्वरूचि भोज की व्यवस्था विधान आयोजक परिवार की तरफ से रखी गयी।

इसके साथ दोपहर णमोकार मंत्र पाठ णमोकार आराधना मंडल द्वारा कराया गया। शाम को भक्तामर पाठ के काव्यों पर 48 दीप प्रज्जवल नव युगल सौरव जैन निधि जैन द्वारा प्रज्वलित किये गए।प्रथम आरती झम्मन लाल बाबूलाल जैन द्वारा की गई। भगवान की प्रथम पालना झुलाई स्वरूप चंद देवेंद्र कुमार विजय जैन तेल वाले परिवार द्वारा की गई। भक्ति संध्या का आयोजन दीपक जैन सर्राफ द्वारा कराया गया जिसमें बच्चो ने नृत्य प्रस्तुत किया।भैया जी ने अपने प्रवचन में बताया कि आज पंचम काल मे भगवान के कल्याणक के पर्व पर भक्तामर विधान  करना और इस तरह के धार्मिक आयोजन करना बहुत ही पुण्य का कार्य होता है।

कार्यक्रम में समस्त जैन समाज कामा के बच्चे पुरुष महिलाएं बुजुर्ग उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष महावीर प्रसाद जैन लहसरिया, मंत्री कैलाश जैन,विजय जैन काली,संजय बोलखेड़िया, उमेश जैन टीटू,गौरव जैन निक्की ने सभी जैन समाज को इसी प्रकार धार्मिक गतिविधियों में भाग लेकर धर्मवृद्दि के लिए प्रेरित किया।विधान में भैया जी के प्रेरणा से भगवान पार्श्वनाथ स्वामी और शीतलनाथ स्वामी की वेदी पर दिनेश चंद नवीन कुमार जैन अभय जैन, राजीव बाबूजी, स्वरूप चंद देवेंद्र कुमार जैन ने चवंर चढ़ाए।इसके साथ एक ताम्र कलश स्वरूप चंद देवेंद्र कुमार जैन ने और 4 रजत कलश अभिषेक हेतु सुभाष जैन बिजली वालो ने मंदिर जी में मंदिर में चढ़ाए।


Comments

comments