आकषर्क समोशरण पर विराजे जिनेंद्र भगवान, 4दिवसीय महामंडल विधान शुरू


भोपाल,  धर्मशाला चौक  स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में गुरुवार मुनि श्री सुबल सागर जी महाराज के दिशा-निर्देशन एवं उनके आशीर्वाद से भव्य समोशरण की रचना की गयी  तत्पश्चात ध्वजारोहण के साथ महामंडल विधान का शुभारम्भ किया गया। मंदिर में प्रात:काल से ही श्रद्धालुओं की भीड़ हो गयी और जय-जयकारों के मध्य भव् य समोशरण के ऊपर जिनेंद्र भगवान को विराजमान किया गया। महामंडल विधान के दिन सुबह बैंड-बाजों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गयी, जिसमें काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। महामंडल विधान के मुख्य पात्रों में वैभव चौधरी, ओम चैन, पहकज जैन, राकेश कठनेरा ने साधर्म इंद्र, चक्रवर्ती एवं महायज्ञ नायक बनकर भगवान का अभिषेक  किया तत्पश्चात शांतिधारा की।  ऋषि जैन दोराहा ने संगीतमय भजन प्रस्तुत किये। इसके बाद मुनिश्री सुबल सागर ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म वस्तु के स्वभाव से चलता है। जैसे जल का स्वभाव शीतलता है। शीतलता ही जल का धर्म है। मंदिर के अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु, नरेंद्र वंदना, विनोद जैन,  तेज कुमार टोंग्या, पंकज प्रधान एवं राजेंद्र चौधरी आदि ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट किए। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि विधान का समापन 21 मई को होगा। अगले दिन मूलनायक भगवान आदिनाथ का महामस्तकाभिषेक होगा।


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