जो व्यक्ति भगवान का अभिषेक नहीं कर सकता वो जीवन में कुछ नहीं कर सकता: आचार्य प्रमुख सागर


मंदसौर। जो व्यक्ति भगवान का अभिषेक नहीं कर सकता वह जीवन में कुछ नहीं कर सकता। अभिषेक करने पर मन के विचार बदलने लगते हैं। यह बात आचार्य प्रमुख सागरजी महाराज ने कही। शांतिनाथ जिनालय तार बंगला मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ पूजा के तीसरे दिन प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि अभिषेक करने से खुशियां मिलती हैं और आपके कर्म धुलने लगते हैं। विचार बदलने लगेंगे। भगवान का अभिषेक किया तो अभिषेक की पूरी सामग्री की व्यवस्था इंद्र करेंगे। अर्थात पांडुशिला पर आपका अभिषेक हो जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

आचार्यश्री ने गंधोदक के बारे में बताते हुए कहा कि इसके गन अजब है। इसके लगाने से कोई बीमारी नहीं होती और कई प्रकार की मनोकामना पूरी हो जाती है। गंधोदक को सरवांग में लगाना चाहिए। भगवान के पांचों कल्याण मंदिर में विराजे होते हैं। मंदिर में देवी-देवता का वास होता है। दिन-प्रतिदिन पूजन का नहीं हमारे समर्पण का वैभव बढ़ रहा है। आचार्यश्री ने कहा कि शरीर में तीन चीजें हैं। मन, तन और आत्मा। इन सबको जोड़कर प्रवचन सुनना चाहिए।

 

— अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी


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