धनवान का नहीं चरित्रवान व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए : आचार्य श्री पुलक सागर


बांसवाड़ा। शहर के कुशलबाग मैदान में ज्ञान गंगा महोत्सव में आचार्य पुलक सागर जीमहाराज प्रवचन कर रहे हैं। तीसरे दिन के कार्यक्रम के शुरु में आचार्य जी को   लौहारिया, बाहुबली कॉलोनी के लोगों ने श्रीफल भेंट कर पधारने का आग्रह किया। वहीं महोत्सव के तीसरे दिन आचार्य जी ने चरित्र निर्माण पर बल दिया और कहा की जीवन में सब कुछ बना सकते हो लेकिन चरित्र बनाने में उम्र गुजर जाती है।

आचार्य ने कहा की सब धरती पर जन्म लेकर आते हैं सभी अपना अपना किरदार निभाते हुए चले जाते हैं। लेकिन दुनिया उसी को याद करती है जिससे कुछ किया हो। लोग उन्हें सदियों तक याद रखते हैं। आचार्य जी ने उदाहरण देते हुए बताया कि दीया हवा के झोंके से बुझ जाता है लेकिन अगरबत्ती नहीं बुझती है। लेकिन दिये के बुझ जाने से अंधेरा हो जाता है। वहीं अगरबत्ती के बुझ जाने पर भी वह खुशबु देती है तो जीवन अगरबत्ती के सामान होना चाहिए। गुरुदेव ने कहा की रुपये पैसा तो कमाया जा सकता है। गलत काम से भी पैसा कमा सकते हैं और वेश्या के पास भी पैसा बहुत होता है लेकिन चरित्र नहीं बनाया जा सकता है। एक बार आप किसी के नजरों में गिर गए तो फिर उठ पाना मुश्किल है।

आचार्य जी ने कहा देश के लिए यही विडम्बना है की धनवान लोगों का सम्मान होता है लेकिन चरित्र वालों का कभी सम्मान नहीं होता। इसलिए लिए लोग गलत कामों से भी धनवान बनाना चाहते हैं। आचार्य जी ने भगवान राम से पूछा आपको किससे डर लगता है। तो भगवान ने कहा मुझे ना बल से डर नहीं लगता, धन से डर नहीं लगता मुझे केवल बदनामी से डर लगता है। आचार्य जी ने समाजजन से आह्वान किया कि इस बार की महावीर जयंती कुछ खास होनी चाहिए। शोभायात्रा तो हर बार निकलती है, लेकिन इस बार लोगों को उनके जीवन की सीख अपने दिल में उतारनी है।

आचार्यजी ने एक कहानी बताते हुए कहा की एक लड़की से उसके पिता ने पूछा की बेटी तुम्हारी शादी करनी है तुम्हारे जहन में कोई लड़का है क्या? इस तरह से पिता ने कई बार पूछा लेकिन लड़की बोली आप जिससे शादी करना चाहे में तैयार हूं। आखिर में फिर पिता बोले कम से कम ये तो बताओ किस तरह का लड़का होना चाहिए। लड़की बोली मुझे तो अपने पिता जैसा सरल, आदर्श वाला ही लड़का चाहिए। पिता बोला मैं तो धन्य हो गया। आचार्यजी ने कहा कि सबसे पहले आप अपने घर में सम्मान पाओ फिर बाहर की बात करो। कुछ लोगों स्टेज पर माला पहनाकर अपने आप को सम्मानित समझते हैं। लेकिन घर में पत्नी ही सम्मान नहीं देती है।

Acharya Pulak Sagar ji Maharaj ने पीएम मोदी को बताया युगपुरुष

आचार्य पुलक सागर महाराज ने कहा दुनिया में दो लोगों को ही याद रखा जाएगा। एक तो वह जो लिखकर जाते हैं और दूसरा जो जिस पर किताब लिखी जाए। आचार्य ने पीएम मोदी का नाम लेते हुए भी कहा कि उनके उपर भी किताब लिखाना चाहो तो लिख सकते हो। मोदी एक दिन युग पुरुष के रूप में जाना जाएगा। जिन्होंने 70 सालों का काम 7 महीने में कर दिया। लोग मुझे बीजेपी, मोदी एजेंट कहेंगे। लेकिन हम किसी पार्टी से नहीं होते। दिल्ली हिंसा पर बोलते हुए आचार्यजी ने कहा की हिंसा करने वाले लोग कभी राष्ट्र का निर्माण नहीं कर सकते हैं। यह जानकारी मुनि सेवा समिति के महामंत्री महावीर बोहरा ने दी।

 

— अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी


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