उत्तर प्रदेश में बनेगा जैन तीर्थकर सर्किट


जैन धर्म के 24 तीर्थकरों में से 17 तीर्थकरों का जन्म स्थान उत्तर प्रदेश की पावन भूमि पर हुआ था। ऐसे 8 नगर मेरठ, आगरा, फरुर्खाबाद, कौशाम्बी, वाराणसी, देवरिया, अयोध्या और श्रावस्ती हैं और ये निर्विवाद हैं। इन सभी क्षेत्रों एवं आसपास का रख-रखाब की समुचित व्यवस्था नहीं है तथा आने-जाने का रास्ता ठीक न होने की वजह से श्रद्धालु को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सांसद डा. रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय राज्य पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश शर्मा से मिला।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में तीर्थकर सर्किट बनाने का आासन दिया है। साथ ही फिरोजाबाद के जैन तीर्थ चंद्रवाड में उत्खन कराने और मेहताब बाग से रात्रि में ताजमहल के दर्शन कराने का आासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल की ओर से ज्ञानोदय संस्थान के ट्रस्टी के सी जैन ने बताया कि तीर्थकर सर्किट हाउस बने और तीर्थकरों की जन्मस्थलियों पर आवागमन एवं रख-रखाब की उन्नत व्यवस्था होनी चाहिए।

फिरोजाबाद में जैन तीर्थ चंद्रवाड में सातवीं सदी के चौहानवंशी राजाओं के समृद्धशाली राज्य एवं हिंदू-जैन संस्कृति के धरा बिखरी पड़ी है। यहां के बड़े टीलों में जैन मूर्तियां एवं बर्तन स्वयं ही निकलते रहते हैं। यहां नीचे प्राचीन मूर्तियां, चरण-छतरियां, ककैया ईटों की दीवारें एवं बटेर शैली के निर्मित मंदिर हैं। चंद्रवाड जैन मंदिर में ऐसी ही प्राचीन मूर्तियां हैं। उत्खनन से सदियों पुरानी सम्यता और इतिहास सामने आ सकेगा और प्रचीन अवशेषों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने की एक समृद्ध योजना बन सकेगी। इस पर भी मंत्री जी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासित किया है।


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