पावागिरि में वार्षिक मेला के चौथे दिन स्वर्ण भद्रादि मुनिराजों का निर्वाण महोत्सव मनाया।


तालबेहट(ललितपुर): वीर बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में परम तपस्वी मुनि सरल सागर महाराज के मंगलमय सानिध्य में सुबह अतिशययुक्त चमत्कारी बाबा मूलनायक भगवान पारसनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक शांतिधारा का आयोजन किया गया। देश के कोने कोने से विभिन्न प्रांतों के धर्माबिलंबियों ने मेला में पहुँचकर पुण्यार्जन किया। पं. विनोद कुमार शास्त्री के निर्देशन में मानस्तम्भ का त्रय वार्षिक महामस्तिकाभिषेक किया गया। दोपहर की बेला में क्षेत्र का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न हुआ, आगन्तुक अतिथियों ने ध्वजारोहण के उपरांत आचार्य विद्यासागर महाराज का चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया, मंगलाचरण गीतू दीदी ने किया।

विमानोत्सव कार्यक्रम में श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकली, जिसमें भारी जन सैलाव के मध्य वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी को विमान में लेकर श्रद्धांलु डी जे बैड की धार्मिक धुनों पर धर्म ध्वजा लेकर नृत्य करते युवा एवं मंगल गीत गाती हुई महिलाएं चल रही थी, शोभायात्रा मन्दिर के मेला प्रांगण की परिक्रमा कर पाण्डुकशिला पर पहुंची। जहाँ मुनि श्री का पाद प्रचछालन कर शास्त्र भेंट किया एवं मंगल आरती उतारी। मुनि सरल सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में आत्मा का कल्याण करने के लिए धर्म के मार्ग पर चलकर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने को कहा।

मुनि श्री ने कहा कि श्रावक के दान, पूजन और साधु की साधना प्रभावना के अंग हैँ। उन्होंने कहा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखने के बाद ही धार्मिक अनुष्ठानों की सार्थकता है। वार्षिक कलशाभिषेक के साथ स्वर्णभद्रादि मुनिराजों का निर्वाण महोत्सव मनाया। जिसमें श्रद्धालुओं ने अभिषेक शांतिधारा की क्रियाएं संपन्न की, छत्र चढ़ाया एवं चमर ढोरे। फूलमाल के कार्यक्रम में दर्शन माल ज्ञानमाल और चारित्रमाल भेंट की गयी। इस पावन भूमि से स्वर्णभद्र, गुणभद्र, वीरभद्र और मणिभद्र आदि असंख्यात मुनिराजों ने निर्वाण पद को प्राप्त किया जिसके उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष अगहन वदी 2 से अगहन वदी 5 तक वार्षिक मेला का आयोजन किया जाता है। जिसमें दर्शनार्थी मेला में लगे बाजार झूला आदि का लुत्फ़ उठाते हैँ एवं बच्चों में बहुत उत्साह देखने को मिलता है।

दुःख दर्द निवारण और मनोकामना पूर्ति के लिए श्रद्धालुओं ने पारसनाथ दरबार में अर्जी लगायी। वहीं कोमल चंद्र जैन गंजवासौदा, राजेंद्र जैन बागो, बाहुबली जैन इंदौर ने सम्बन्ध जोड़ने के परिप्रेक्ष्य में प्रयास पुस्तक के प्रकाशन हेतु अखिल भारतीय जैन समाज के शादी योग्य युवक युवतियों के बायोडाटा का संकलन किया और निःशुल्क जैन तिथि दर्पण का वितरण किया। रात्रि में राजकुमार जैन एंड पार्टी ललितपुर के मधुर संगीत में मंगल आरती, शास्त्र प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सौरभ जैन कड़ेसरा ने बताया 14 नवंबर को सर्वविघ्नहरण पारसनाथ विधान के उपरांत आगन्तुक विद्वानो का सम्मान एवं मेला समारोह का समापन किया जायेगा।

कार्यक्रम में पं. विजय कृष्ण शास्त्री, अभय कुमार विरधा, राजकुमार जैन पवा, अध्यक्ष ज्ञानचंद्र जैन पुरा, मंत्री जयकुमार जैन कन्धारी, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद्र जैन भड़रा, प्रवीण जैन झाँसी, कैलाशचंद्र ललितपुर, प्रेमचंद्र जैन डबरा, शांति प्रसाद गंजवासौदा, सुरेंद्र पवैया, कमल मोदी, शिखरचन्द कड़ेसरा, कैलाश चंद्र गेओरा, प्रशन्न गुन्देरा, आनंद कुमार, अजय पवा, महेंद्र जैन, राजेंद्र कुमार बबीना, विनोद वैरागी, प्रवीन कुमार, शैलेन्द्र जैन, विकास भंडारी, अमन जैन, अक्षत पवा सहित क्षेत्र प्रबंध समिति का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन ज्ञानचंद जैन पुरा एवं आभार व्यक्त विशाल जैन पवा ने किया।


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