झुमरीतिलैया जैन मंदिर में आचार्य अनेकांत सागर जी महाराज के सानिध्य में 108 से अधिक भक्तों ने अभिषेक एवं शांतिधारा में हिस्सा लिया


झुमरीतिलैया। प्रात: काल से ही भक्तों का आना शुरू हुआ। आचार्य श्री अनेकांत सागर जी महाराज ने बडे ही सरल शब्दो में अभिषेक शांतिधारा का महत्व बताया। सबसे पहले भगवान के श्री विहार कराकर पाण्डुकशिला पर विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ श्री विमल कुमार जी, संजय कुमार जी बडजात्या परिवार, श्री सुरेश कुमार जी नरेन्द्र कुमार जी झांझरी परिवार श्री सुरेन्द्र कुमार जी सौरभ कुमार जी काला परिवार एवं शांतिधारा का सौभाग्य श्री विमल कुमार जी बडजात्या, श्री सुरेश कु जी झाँझरी एवं श्री प्रदीप कु जी छाबडा को प्राप्त हुआ।

आचार्य श्री ने बडे ही अनूठे अंदाज में शांतिधारा के उच्चारण करके सारे समाज और विश्व शान्ति की कामना की। श्री सुबोध जी गंगवाल के भजनों ने सभी  को भक्ति रस में डूबा दिया |श्री अभिषेक जी शास्त्री ने मांगलिक क्रियायें करायी।  श्री विमल जी बडजात्या, अध्यक्ष,  बडे मंदिर जी नव निर्माण के संयोजक श्री सुरेश जी झाँझरी ने विशेष रूप से आचार्य श्री के अल्प सानिध्य को बहुत ही शुभ बताया और कहा कि शीघ्र ही बडे मंदिर जी के नव निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा।

पू आचार्य श्री ने बडे ही सुन्दर तरीके से सभी युवकों को जो विहार में शामिल रहे, सभी पुण्यार्जक को जिन्होंने पूजन सामग्री दी, उन सब महिलाओं को जो निर्वाण लाडू बनाई सबको आगे लाकर पहचान कराये। श्री अजय सेठी, श्री सुबोध गंगवाल एवं श्री आशीष छाबडा को भी विशेष अवसर का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रीमती आशा गंगवाल, श्रीमती निर्मला सेठी धप श्रीमती पद्मा बडजात्या, श्री मती तृप्ति सेठी का भी लाडू चढाने मे आगे की पंक्ति में रखा गया।  बडे ही हर्षोल्लास पूर्वक पूजा अर्चना शांतिधारा का आयोजन संपन्न हुआ |आरती के बाद भगवान को वापस वेदी में विराजमान किया गया। चारों ओर बस एक ही चर्चा रही कि मात्र एक दिन के अल्प प्रवास में आचार्य श्री ने पूरे समाज को भक्ति का एक अलग रूप दिखाया।

 

— जैन राज कुमार अजमेरा ओर जैन नवीन गंगवाल


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