कोटा की धरती पर पहली बार हुआ ऐसा आयोजन: प्रभावना फेरी से हुआ तपस्वियों का बहुमान


कोटा। दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों तक निराहार रहकर साधना करने वाले 10 तपस्वियों का सकल जैन समाज रामपुरा के तत्वावधान में प्रभावना फेरी के माध्यम से बहुमान किया गया।

प्रवक्ता जिनेन्द्र पापड़ीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि रामपुरा के ही युवा कार्यकर्ता प्रदीप जैन द्वारा इस वर्ष पहली बार दस दिनों तक उपवास किये गये । परिवार जनों की भावना थी कि इसके उद्यापन में ऐसे ही दस तपस्वियों की अनुमोदना की जाये इसीलिए श्रेष्ठी सुरेशचंद जैन सामरिया के पुण्यार्जन से इस कार्यक्रम को नियोजित किया गया ।

प्रातःकाल आर्यसमाज रोड से बेंड बाजो के साथ 5 बग्गियों में 10 महिला- पुरुष साधकों को समाज के गणमान्य जनों द्वारा तिलक माला एवं मुकुट पहनाकर बिठाया गया । आर्यसमाज रोड से प्रारम्भ होकर प्रभावना फेरी कैलाश भवन, ओरियंट बिल्डिंग, मोरी के हनुमान जी, रामपुरा लिंक रोड, रामपुरा पोस्ट ऑफिस होते हुए जैन गली में पहुँची जंहा रामपुरा महिला घोष द्वारा घोष की स्वर लहरियों के साथ तपस्वियों की मंगल आगवानी की गई । मार्ग में कई समाज श्रेष्ठियों द्वारा तपस्वियों सहित अन्य साधर्मी बंधुओ को प्रभावना वितरण किया गया।

प्रभावना फेरी संत निवास पहुँचने पर वहाँ सभी साधकों को मंचासीन कर उन्ही से कार्यक्रम का दीप करवाया गया। मंगलाचरण ऐषणा जैन द्वारा किया गया । सभी साधकों की अनुमोदना में विनती गायन में हाडौती के जाने माने संगीतकार श्री शिखर पाटोदी, सन्मति कासलीवाल, रितू दुगेरिया, उषा जैन ठग द्वारा प्रभू का गुणानुवाद किया गया ।

इसके बाद पुण्यार्जक परिवार द्वारा सभी दस उपवास करने वाले साधकों का पूजन वस्त्र भेंट करते हुए बहुमान किया गया।
आयोजन के संयोजक निर्मल पोरवाल ने बताया कि ऐसा आयोजन हाडौती की धरा पर पहली बार हुआ है, जिसमें श्रावकों ने आपार उत्साह दिखाया हम इस आयोजन को आगे भी नियमित करने का प्रयास करेंगे ।

— राकेश जैन ‘चपलमन’


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