विदिशा के हरिपुरा में नाले की सफाई के दौरान निकली पार्श्वनाथ की प्रतिमा


विदिशा के हरिपुरा क्षेत्र में नाले की सफाई के दौरान निकली मिटटी से जैन धर्म के 23वें तीर्थकर भगवान पाश्र्वनाथ की प्रतिमा निकलने की सूचना मिलते ही समाज के लोगों का तांता लग गया। प्रतिमा की साफ-सफाई कर शीतलधाम में रखवा दिया गया है, जिसके दर्शनों के लिए लोग भक्ति-भाव से पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार सुबह नाले के समीप रहने वाले रामचरण शर्मा के घर के पास पीयूष शर्मा, नीलेश शर्मा, प्रशांत शर्मा द्वारा की गई नाले की सफाई के बाद निकले पत्थरों को व्यवस्थित कर रहे थे। अचानक एक पत्थर को पलटा तो उन्हें प्रतिमा होने का एहसास हुआ फिर उन्होंने पानी से प्रतिमा की धुलाई तो देखा कि यह जैन प्रतिमा भगवान पाश्र्वनाथ की है।

उन्होंने तत्काल जैन समाज को सूचित किया। सूचना मिलते ही जैन समाज के अध्यक्ष मुन्नाभैया जैन, ओमप्रकाश जैन, चौधरी प्रकाश सर्राफ, ऋषभ जैन, दीपक जैन, मंजरी जैन, संजय जैन, मनीष सिंघई आदि मौके पर पहुंच गये। इस दौरान वहां काफी भीड इकटठी हो गई। उक्त प्रतिमा चार फुट ऊंची खड़गासन मुद्रा में है और हजारों वर्ष पूर्व की बतायी जा रही है। प्रतिमा में दोनों ओर छह-छह तीर्थकरों की आकृत्ति उत्कीर्ण है। नीचे की ओर यक्ष एवं यक्षिनी की आकृति है और सिर पर नाग है। उक्त प्रतिमा शीतलधाम में रख दी गई है, जहां दिन भर जैन समाज के लोग दर्शनों हेतु आ रहे हैं।


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