एक हजार साल पुराने सेसई दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में पिछले 7 साल में तीसरी बार मंदिर में घुसे चोर


शिवपुरी। लगभग 1 हजार साल पुराने सेसई के ऐतिहासिक महत्व के प्राचीन जैन मंदिर से चोरों ने शुक्रवार रात चोरी का असफल प्रयास किया। चोरों ने 5 ताले तोड़े लेकिन वह मूर्तियों और दान पात्र तक नहीं पहुंच सके। इससे खिसियाए चोरों ने टीव्ही तोड़ दी और डीवीडी प्लेयर चुरा कर ले गए। जिससे चोरों की हरकत कैमरों के जरिए सामने नहीं आ सकी। इस मंदिर में 7 साल में चोरी की यह तीसरी बारदात है।

शिवपुरी से लगभग 15 किमी दूर भगवान शांतिनाथ का दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र है। जिसमें लगभग एक हजार साल पुराने तीर्थंकरों की अमूल्य प्रतिमाएं हैं। यह मंदिर सूनसान क्षेत्र में बना हुआ है। यहीं कारण है कि अक्सर चोरों के निशाने पर रहता है। इस जैन मंदिर में चोरी की बारदातें होने के कारण जैन समाज ने यहां सुरक्षा की भी व्यवस्था कर रखी है। लेकिन फिर भी कुछ न कुछ खामी तो रह ही जाती है और उसका फायदा चोर उठाते हैं।

मंदिर में पुजारी और चौकीदार भी हैं। लेकिन कल रात इतनी सफाई से चोर घुसे कि उन्हें उनकी भनक भी नहीं लगी। चोरों ने दीवार फांदकर मंदिर में प्रवेश किया और एक-एक कर 5 ताले तोड़े लेकिन वह मुख्य मंदिर में प्रवेश नहीं कर सके। इसके बाद चोरों ने शायद गुस्से में मंदिर में लगी टीव्ही फोड़ दी और डीवीडी प्लेयर आदि उठाकर ले गए।

इससे पूर्व तीन साल पहले चोर प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ की भव्य मूर्तियां चुरा ले गए और दान पात्र में रखे पैसों को भी वह ले उड़े थे। चोर सीसीटीव्ही कैमरा सिस्टम के साथ-साथ पुजारी के कमरे का सामान भी समेट ले गए। चोरी की इस वारदात का आज तक खुलासा नहीं हुआ है। 2015 में भी चोरों ने सेसई जैन मंदिर को निशाना बनाया था और यहां से तीर्थंकरों की प्रतिमाएं उड़ाई थीं।

मंदिर में कैमरे भी लगे हैं। लेकिन डीवीडी प्लेयर उठाकर ले जाने  कारण चोर कैमरों में कैद नहीं हो सके। सुबह जब पुजारी जागा, तब उसे इस चोरी की खबर लगी और उसने समाज को सूचित किया। सूचना मिलने पर कोलारस पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई और उसने अपनी जांच शुरू कर दी। खुशी की बात यह रही कि मंदिर के ताले अवश्य टूटे लेकिन चोर मंदिर से प्रतिमाएं नहीं ले जा सके। जिससे जैन समाज में राहत महसूस की जा रही है।


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