Acharya Vidyasagar – के सान्निध्य मे खजुराहो मे हुआ पिच्छी परिवर्तन समारोह, भक्तो को मिली पुरानी पिच्छिकाये

अशोकनगर जैनाचार्य संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का पिच्छी परिवर्तन रविवार को दोपहर ३ बजे से खजुराहो में प्ररभ्भ हुआ अल्प सूचना पर देश भर से हजारो भक्त तीर्थक्षेत्र खजुरोह पहुचे और पिच्छिका परिवर्तन देखने का सौभग्य प्राप्त किया आचार्य श्री को अशोकनगर के युवाओ दारा निर्मित पिच्छिका भेट कि गई इस दौरन नगर के युवाओ ने आचार्यश्री को श्री फल भेट कर अतिशय क्षैत्र थूवोनजी पधारने का निवेदन थूवोनजी कमेटी शुकवार मंडल सयोजक निमेशजैन युवा वर्ग के सरंक्षक सुनील वजाज के नेत्यवय मे 

पिच्छी परिवर्तन समारोह मे श्री फल भेट कर थूवोनजी पधारने का निवेदन किया

थूवोनजी कमेटी के प्रचारमत्री विजय धुर्रा ने वताया कि आज प्रताः काल जैसे ही आचार्य श्री के पिच्छिका परिवर्तन करने का समाचार अशोकनगर पहुचा तो पिच्छिका निर्माण समिति के प्रमुख सुनील वजाज मामा निमेशजैन के नेत्वयमै एक प्रतिनिधि मंडल खजुरोह के लिये नवीन पिच्छिकाये लेकर खजुरोह के लिये रवाना हो गया इस दल मनीष बज्र ,अभिषेक टडैया,गौरव भैया जी, नीरज रतलामी निकलेश जैन,आयुष हकीम,विवेक जैन ,संचित बजाज,निमित्त सिंघई,बिट्टू अखाई, अभिषेक जैन दिव्याशु जैन, प्रियांशु जैन सहित अन्य सभी भक्तो ने श्री फल भेट किये

पुरानी पिच्छिकाये भक्तो को मिली

 पिच्छिका परिर्वतन मे भक्तो कोआचार्य संघ की पिच्छिका लेने का सौभाग्य मिला जैनयुवा वर्ग के अध्यक्ष विजयजैन धुर्रा ने वताया  कि आचार्यश्री की पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य संयम के व्रत धारणकरने वाले प्रदीप चौधरी छतरपुर के लिये मुनि श्री योगसागरजी महाराज की पिच्छिका  अशोक जैन विदिशा को मिला वही नगर गौरव  निश्चलसागरजी महाराज की पिच्छिका राजेश जैन भोपाल को मिली।

इसके पहले सुप्रदिध्यि उधोगपति अशोकपाटनी शुसीला पाटनी आर के मार्वल प्रभातजी मुम्वई राजावावू सूरत प्रेमचन्द्र प्रेमी कटनी के साथ अन्य भक्तो ने आचार्य श्री को श्रीफल भेट किये।

समारोह को सम्वोध्वित करते हुये आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज ने कहा कि पैतीस वर्षो वाद शान्तिनाथ भगवान के चरणो मे शान्ति से वैठे और आदिनाथ भगवान की स्सितुति की यहा तो रोज ही कार्यक्रम होते रहे रविवार कव आ जाता पता ही नही चलता

व्रतो को छोटा नही मानना नही चाहिये जीवन मे कुछ ना कुछ व्रतो को सुइकार करना चाहिये व्रत नियम संयम कुछ ना कुछ सभी के पास होना चाहिये व्रतो को आप छोटा ना समझे जो भी व्रत लिया है उसे विशुध्दि के साथ धारण करे।

पिच्छिका मोक्ष जाने मे साहायक

आचार्य श्री ने कहाकि मोक्ष मार्ग मे पिच्छिका सहायक है यह साधु के हाथो मे मोक्ष जाने के पहले तक रहती है यह संयम का उपकरण है इससे आहिंसा धर्म की रक्षा होती है विना पिच्छिका के मुक्ति नही होती अभी तक जो भी मोक्ष गये है पिच्छिका के साथ ही गये है।

आप लोगो को दुखी करके घर नही भेज सकते

आचार्य श्री ने कहा कि जितना आनंद आप लोगो को मेरे दर्शन करने आता है  उतना ही आंनद मुझे आप लोगो को दर्शन देने मे आता है आप लोग वहुत दुर दुर से दर्शन करने के लिये आते आप लोगो को मै दुखी करके घर नही भेज सकता और सब लोगो को अलग अलग आशीर्वाद नही दे पाते इसीलिये ऊपर खड़े होकर सब को आशीर्वाद अलग से ही देते है आप अपने अपने लिये ही आशीर्वाद माने।संचालन शैलसागरजी महाराज ने किया।

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