3 वर्ष की बेटी और करोड़ों की सम्पत्ति को त्याग, पति-पत्नी लेंगे दीक्षा


करोड़ों की सम्पत्ति, लाखों की कमाई करने वाला उच्च शिक्षित पति अपनी पत्नी समेत सब कुछ त्यागे यहां तक कि अपनी 3 साल की बेटी का भी त्याग कर संत बनने का फैसला लिया। मध्य प्रदेश के नीमच निवासी सुमित राठौड़ (34) और चित्ताैडगढ़ के कपासन की उनकी पत्नी अनामिका (34) को उनके परिवार की लाख कोशिशों के बावजूद भी दोनों कपल अपना निर्णय बदलने को कतई तैयार नहीं हैं। वे 23 सितम्बर को गुजरात के सूरत में जैन आचार्य रामलाल महाराज के सानिध्य में जैन भगवती दीक्षा ग्रहण करेंगे। भरे-पूरे संयुक्त परिवार के साथ इनकी 3 वर्ष की बेटी इभ्या भी है।

सुमित का नीमच में बड़े व्यवसायी हैं और उनके परिवार की कइयों करोड़ से भी ज्यादा की सम्पत्ति है, वहीं उनकी पत्नी अनामिका भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चंडलिया की बेटी हैं। बता दें कि इन दोनों की शादी मात्र 4 वर्ष पहले ही हुई है। सुमित राठौड़ लंदन से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में डिप्लोमाधारी हैं और दो साल लंदन में जॉब करने के बाद दादा नाहरसिंह राठौड़ के कहने पर नीमच आ गये।

यहां इनकी करोड़ों की एक्सपोर्ट फैक्ट्री में 100 लोग काम करते हैं। इंफोसिस में इंजीनियर उनके बड़े भाई भी नौकरी छोड़ उक्त व्यवसाय से जुड़ गये। इसी तरह उनकी पत्नी अनामिका भी 8वीं में गोल्ड मेडलिस्ट, 1वीं एवं 12वीं में भी मेरिट में पूरे राज्य में 28वीं रेंक प्राप्त की थी। इसके बाद मोदी इंजीनियरिंग कालेज, लक्ष्मणगढ़ से बीई किया तत्पश्चात हिंदुस्तान जिंक में 8-10 लाख सालाना पैकेज पर नौकरी की शुरूआत की किंतु वर्ष 2012 में नौकरी छोड़ दी। इन दोनों पति-पत्नी का कहना है कि धन-दौलत, ऐशो-आराम, राजसी वैभव से आत्म कल्याण संभव नहीं है। इसीलिए इन सभी नर वस्तुओं का त्याग कर आत्म कल्याण के मार्ग पर जा रहे हैं।


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