भाव सुधारो तो भव सुधर जाएगा : राष्ट्र संत, आचार्य ज्ञानसागर जी


ललितपुर। इन दिनों नगर के क्षेत्रपाल जैन मंदिर में विराजमान राष्ट्र संत सराकोद्धारक आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की धर्म देशना सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं

बुधवार को अयोजित धर्मसभा में उन्होंने अपनी अमृतमयी वाणी में कहा कि कर्म सिद्धान्त को समझने वाला ही कर्मों के बंधन को तोड़ सकता है। दूसरों के दोष मत देखों न हो दूसरों को दोष दो। वह तो मात्र निमित्त हैं, वस्तुतः तो हमें स्वयं के द्वारा किये गए कर्मों का फल मिल रहा है। कर्मों के उदय में जो जितना समताभाव रखता है वह उतना अधिक कर्मों के बंधन को तोड़ देता है। प्रत्येक समय व्यक्ति अगर अपने भावों को सुधारने का प्रयास करे तो भव सुधर सकता है। ‘भाव बनाये, भाव बिगाड़े, बना है भावों का संसार’। अच्छे भावों से आप अपने जीवन का अच्छा नक्शा बना सकते हो, बुरे भावों से आप अपने जीवन का बुरा नक्शा बना सकते हो।

उन्होंने कहा कि अपने आपको सुधारो , जब भी बुरे विचार आएं तुरंत पश्चाताप करो।

आचार्यश्री ने कहा कि जब जब दूसरों की निंदा करते हो उस समय आप नीच गोत्र का बंध कर लेते हो अगर नीच गोत्र के बांध से बचना चाहते हो तो आज से दूसरों की निंदा करना बंद करो और अपनी निंदा करना प्रारंभ कर दें। अपनी निंदा करने वाला अपने जीवनरूपी मैली चादर को साफ सुथरा बना सकता है।

इस अवसर पर ब्र. अनीता दीदी जी ने अपनी ओजस्वी वाणी में लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि धर्म की चर्चा को अर्चा का रूप दें, तभी धर्म श्रवण करने की सफलता होगी। सुनने के साथ गुनें।

इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जय कुमार निशान्त भैया, अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप सतरवास, मोदी पंकज जैन पार्षद, ज्ञानचंद्र इमलिया, राजेन्द्र थनवारा, डॉ . सुनील संचय, अक्षय अलया,मनोज बबीना,  शांतिलाल जैन मुरैना,कोमल दादा, डॉ सुनील जमादार प्राचार्य, अरविंद जैन बरौदा, आशीष जैन, नरेंद्र कलेक्ट्रेट, पंडित शीतल प्रसाद शास्त्री,गेंदालाल सतभैया, सुनील आबू, गुलाबचंद्र सिरोन, मुकेश जैन नेता, जिनेंद्र डिस्को,संजीव जैन ममता स्पोर्ट्स,  सतीश नजा , कपूरचंद्र लागौन, देवेंद्र कामरा, सुनील, अरविंद जैन  आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

आचार्यश्री के संघस्थ मुनि श्री ज्ञेय सागर जी महाराज, ब्र. सतीश भैया ब्र. अनीता दीदी, ब्र. मंजुला दीदी, ब्र. अल्पना दीदी, ब्र. रेखा दीदी द्वारा भी धर्म प्रभावना की जा रही है।

आचार्यश्री के सान्निध्य में नगर की समस्त जैन महिला मंडलों की एक आवश्यक बैठक का आयोजन भी किया गया। शाम को आचार्य भक्ति ,आरती,और प्रश्नमंच के कार्यक्रम में भी लोग बड़ी संख्या में पहुँचकर धर्म लाभ ले रहे हैं।

इस अवसर पर देश के ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जय निशांत भैया ने कहा कि आचार्यश्री को विद्वानों के प्रति असीम वात्सल्य रहता है। आचार्यश्री प्रत्येक वर्ग के लिए कुछ न कुछ करते दिखाई देते हैं। उनका विराट व्यक्तित्व प्रेरणादायक है।

डॉ. सुनील जैन संचय


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