कोविड महामारी के दौरान JITO ने पीएम राहत कोष में दान किए 500 करोड़ रुपये


जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीटो) ने कोरोना काल में 500 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में भेंट किये। इसके अलावा भयाभय महामारी के दौरान परिवहन, लोगों के भोजन के साथ चिकित्सा कार्य के दौरान भी लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च किये। इसके अलावा इंदौर के 100 साल पुराने राबर्ट नर्सिग होम में लगभग 30 करोड़ की लागत से डायलिसिस यूनिट खोली गई।

वर्ष 2007 में शुरू हुआ जीटो एक ऐसा वैश्विक संगठन है जो समाज के कल्याण के लिए पूरी दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अहम भूमिका निभाता आ रहा है। शुक्रवार से शुरू हुआ तीन दिवसीय जीटो कनेक्ट-2022 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य समूचे जैन समुदाय को एक मंच कर लाने के साथ समाज की आर्थिक उन्नति के साथ कल्याणकारी कार्य करने का है।

इसके साथ ही यह संगठन जैन समुदाय के गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने हेतु शिक्षा, आवास सहित भोजन की सुविधा हेतु पूरे देश में 16 छात्रावास खोले गये हैं। अभी इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी पर भी विचार किया जा रहा है। भविष्य में जीटो बड़े पैमाने पर एजूकेशन लोन भी उपलबध कराने की योजना पर कार्य कर रहा है। ताकि समाज का कोई भी बच्चा पैसे के अभाव में वंचित न रहे जाए।


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