दिल्ली में हुआ रत्नमयी प्रतिमाओं का महामस्तकाभिषेक


शाहदरा के छोटा बाजार स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्री 1008 जिनिबम्ब पंचकल्याणक महोत्सव के आठवें वाषिर्कोत्सव के पावन अवसर पर रत्नमयी चतुर्विंशति तीर्थंकर महामस्तकाभिषेक का आयोजन रविवार दिनांक 14 अप्रैल, 2024 को परम पूज्य पटटाचार्य 108 श्री श्रुतसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में किया गया।

छोटा बाजार जैन मंदिर में अति प्राचीन मुगलकालीन अतिशययुक्त भगवान पार्श्वनाथ की मूलनायक प्रतिमा विराजमान है। इस अवसर पर प्रात: 10.00 बजे से भगवान महावीर जन्म कल्याणक रथयात्रा की बोलियों का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद परम पूज्य पटटाचार्य 108 श्री श्रुतसागर जी महाराज ने महामस्तकाभिषेक पर मंगल प्रवचन दिए और अपने गंभीर संबोधन में कहा कि हमारी अति प्राचीन जैन खण्डित प्रतिमाओं को न पानी में बहाएं तथा मिटटी आदि में भी न दबाएं बल्कि उन्हें संरक्षित कर एक स्थान पर स्थापित करें ताकि आने वाली पीढ़ियों और समाज को हमारे अति प्राचीन जैन धरोहर को देख कर जैन धर्म की प्राचीनता के बारे में पता लग सके। इसी श्रृंखला में देश भर से अतिप्राचीन खण्डित प्रतिमाओं की भव्य प्रदर्शनी दिनांक  31 मई से 6 जून तक इंडिया हेबिटेट सेंटर, नयी दिल्ली में लगने जा रही है। परम पूज्य पटटाचार्य 108 श्री श्रुतसागर जी महाराज के जन्मदिवस पूरी धूमधाम के साथ सांई आडिटोरियम में दिनांक 2 जून को मनाया जाएगा।

इसके पश्चात् महामस्तकाकभिषेक का शुभारंभ हुआ। महामस्तकाभिषेक करने के लिए प्रथम तीन कलश छोड़कर अन्य कलश की न्यौछावर राशि 500/- रुपये तय की गयी थी। इस पावन अवसर पर अनेकों श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव  के साथ महामस्तकाभिषेक में हिस्सा लिया।

महामस्तकाभिषेक के प्रथम कलश का सौभाग्य श्रीमति सुषमा जैन आयुष जैन तथा दूसरे कलश का सौभाग्य श्री प्रवीण जैन, श्रीमती रेणुका जैन एवं तीसरे कलश का सौभाग्य श्री मुकेश जैन, श्रीमती मंजू जैन एवं श्री श्रेय जैन को प्राप्त हुआ। इसके बाद लक्की ड्रा का आयोजन किया गया, जिसमे बहुमूल्य उपहार श्रद्धालुओं को श्री संकल्प युवा मंडल की ओर से भेट किये गये।

पूरा कार्यक्रम विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री जी के दिशा-निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम के पश्चात वात्सल्य प्रीतिभोज श्री समवशरण महिला मंडल एवं श्री समवशरण युवा मंडल छोटा बाज़ार के सौजन्य से किया गया।

 


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