भगवान के जन्मोत्सव पर 1008 कलशों से पांडुकशिला पर किया अभिषेक


हरियाणा के रेवाड़ी नगर में जैनाचार्य विशद सागर जी महाराज एवं मुनि विशाल सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिधनय में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के जन्मोत्सव पर सोमवार का दिन पूर्णरुपेण भक्तिरस में डूब गया। यहां उपस्थित जन-जन स्वयं इस अद्भुत नजारे को देखने और यहां उपस्थित होने पर सौभाग्यशाली मान रहा था।  नसिया जी में पांडुकशिला पर भगवान का 1008 कलशों से अभिषेक किया गया। अभिषेक के समय हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवष्रा की गई।

इस अवसर पर ऐरावत हाथी पर भगवान की जन्मकल्याणक शोभायात्रा निकाली गई। लगभग आधा किमी लंबी शोभायात्रा का लोगों ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। बता दें कि नगर के मौहल्ला मढ़ई में नवनिर्मित जैन मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा हेतु 7 दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का 13 अप्रैल को पूर्ण होगा। पंचकल्याणक का चौथा दिन आदिनाथ के जन्मोत्सव की महत्ता पर केंद्रित रहा। जैनाचार्य विशद सागर जी महाराज ने बताया कि तीर्थकर के मां के गर्भ में आने के बाद 9 माह तक हर दिन कुबेर इंद्र रत्नों की वृष्टि की जाती है।

इंद्र-इंद्राशी एरावत हाथी पर बैठ भगवान को सुमेरु पर्वत पर ले जाते हैं। तत्पश्चात बालक भगवान का पांडुकशिला पर 1008 कलशों से अभिषक किया जाता है। कार्यक्रम में मुनिश्री विशाल सागर जी महाराज ने समाज के लोगों के बीच अपना केश-लोंज किया। जन्मकल्याणक के दिन रेवाड़ी के अलावा राजस्थान, दिल्ली से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। कार्यक्रम में समाज के सचिव अरविंद जैन, आर्यिका भक्ति भारती, क्षुल्लक विसौम सागर, क्षुल्लिका वात्सल्य भारती, जैन समाज के प्रधान सुनील कुमार जैन, बड़ा मंदिर कमेटी के प्रधान विरेंद्र जैन, सचिव राहुल जैन, एमपी जैन, डीक जैन, पदम कुमार जैन, सुभाष जैन, सुरेश जैन बजाज, अजीत प्रसाद जैन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


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