पहाड़ि पर चरवाहे को मिली भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा, समाज ने मंदिर में रखवाई


मालनपुर। पहाड़ि पर जैन समाज के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी की एक प्रतिमा मिली है। गुरुवार दोपहर कुछ चरवाहों ने पहाड़ की एक शिला पर प्रतिमा देखी तो जैन समाज को सूचना दी। खबर मिलते ही जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में बैंड-बाजों के साथ प्रतिमा लेने पहुंचे। वाहन में प्रतिमा रखकर उसे दिगंबर जैन मंदिर के कमरे में रखवाया गया है। वहीं पास में नंदी की अधबनी रखी मूर्ति से रहस्य गहरा गया है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि यह प्रतिमाएं ग्वालियर में बनाकर यहां रखी गई हैं। वहीं मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राहुल जैन का कहना है कि प्रतिमा काफी प्राचीन प्रतीत होती है। करीब डेढ़ फीट ऊंची भगवान महावीर स्वामी की मूर्ति को वे ललितपुर में विनिश्चय सागर जी  महाराज के यहां ले जाएंगे। महाराज तय करेंगे कि प्रतिमा किस कालखंड में बनाई गई है और इसकी शुद्धि किस तरह की जानी है। बता दें कि भगवान की प्रतिमा पुरानी शिल्पकला में अद्भुत नक्काशी से बनाई गई है। जिसके दाएं भाग में 12 तीर्थंकर बने हैं, लेकिन दूसरा भाग अधूरा है।

प्रतिमा वहां मिली, जहां कभी खुदाई नहीं हुई

मालनपुर में पहाड़िया की यह जमीन खनिज विभाग की है, जिसके एक हिस्से में क्रेशर पत्थर की खुदाई कर रहा है। मगर प्रतिमा उस स्थान पर मिली है जहां सालों से कभी खुदाई नहीं हुई है। पहाड़ पर मवेशी चरा रहे करन सिंह बाथम ने सबसे पहले इस प्रतिमा को देखा था। उसी ने जैन समाज के लोगों को जानकारी दी। करन सिंह का कहना है कि वह अक्सर पहाड़िया पर ही मवेशी चराता है। छह दिन पहले इसी स्थान पर वह आया था तब प्रतिमा नहीं थी। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि महावीर स्वामी की प्रतिमा ग्वालियर में गेड़े वाली रोड पर मूर्तियां बनाने वाले लोगों ने रखी होगी। क्योंकि कुछ दूरी पर अधबनी नंदीश्वर की प्रतिमा भी रखी मिली है।

 

— अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी


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