आचार्य श्री विद्यासागर का विहार शिरपुर अंतरिक्ष पार्श्वनाथ की ओर, पेट्रोप पंप के मालिक को आजीवन मांस और मदिरा के त्याग का संकल्प दिलाया


छिन्दवाड़ा। मंगलवार को आचार्य श्री विद्यासागर पांढुर्ना से महाराष्ट्र की ओर विहार कर गए। बड़ी संख्या में भक्तों ने उन्हें विदा किया। उनके साथ कुछ भक्तों का कारवां भी चल रहा है। इनमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए भक्त शामिल हैं।

मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ने बताया कि आचार्य श्री विद्यासागर शिरपुर अंतरिक्ष पार्श्वनाथ की ओर विहार कर रहे हैं। पांढुर्ना से शिरपुर की दूरी 250 किमी है। आचार्य श्री सोमवार को पैर में गिट्टी से चोट लगने पर थोड़ी देर के लिए पेट्रोप पंप परिसर में छांव देखकर ठहर गए थे। इस दौरान उन्होंने पंप के संचालक भावेश कोल्हे को बुलाकर जीवन में मदिरा और मांस का सेवन नहीं करने का वचन देने के लिए कहा। भावेश ने आचार्य की अभ्यर्थना करते हुए कामना की उसका जीवन दुव्यर्सनों से दूर रहे।

विहार के दौरान आचार्य श्री लोगों को व्यसन छोडऩे, पौधे लगा कर बड़ा होने तक देखरेख का संकल्प दिलवा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग मार्ग में आचार्य के दर्शनों के इंतजार में खड़े रहते हैं।


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