हम दूसरों का भला सोचेंगे तो हमारा भला अपने आप ही हो जाएगा : आचार्य श्री विद्यासागर जी


इंदौर। मनुष्य आज अपने आप में ही व्यस्त हो गया है। उसे अपने आसपास या समाज के लोगों की ओर कोई ध्यान नहीं है। ऐसा करने से हमारे भीतर एक अलग ही इंसान जन्म ले लेता है। हम केवल अपने पुत्र मोह में ही पड़े हुए हैं, जबकि हमें इससे ऊपर उठकर सोचना होगा। पूरा संसार ही हमारा परिवार है और हमें सबके हित के बारे में ही सोचना चाहिए। अगर हम दूसरों के बारे में भी सोचने लगेंगे और दुनिया के सभी लोग इस बात का अनुसरण करेंगे तो वह दिन दूर नहीं जबकि हम किसी और का भला सोचेंगे और कोई दूसरा व्यक्ति हमारा भला सोचेगा। ऐसे में हमारे साथ हमेशा अच्छा ही होगा। यह बात आचार्य श्री  विद्यासागर जी महाराज ने बुधवार को गोयल नगर स्थित चमेलीदेवी पार्क में बुधवार को जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर कही।

 

—अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी


Comments

comments