वेलेंटाइन डे पर परमात्मा से असीम प्यार की चाह में एक साथ 8 युवतियों ने ली दीक्षा


सूरत। आज के भौतिक युग में 14 फरवरी वेलेंटाइन डे के रूप हर युवा-युवतियों की जुबान पर चढा हुआ है। इस दिन नव-युगल अपने-अपने प्यार का इजहार करने में व्यतीत रहते हैं किंतु 8 जैन युवतियों ने 14 फरवरी को युवा-युवती से प्यार का नहीं अपितु परमात्मा रूपी शक्ति जीवन भव के लिए प्यार का इजहार करते हुए धर्म के मार्ग पर चलने का पण्र ले लिया।

सूरत के कैलाश नगर जैन संघ की ओर से आयोजित एक भव्य दीक्षा कार्यक्रम में एक नहीं दो नहीं अपितु  8 युवतियों ने आचार्य रश्मी रत्न सूरीजी से दीक्षा ग्रहण कर साध्वी बन गई। आज से वे भौतिक चकाचौंध से दूर मोह-माया छोड़ केवल और केवल सन्यासी रूप धारण कर धर्म के मार्ग पर चलेंगी। अब न तो उनका कोई परिवारीजन है, न ही कोई नाते-रिश्तेदार और न ही इष्ट मित्र।

दशकों के बाद 8 युवतियों को एक साथ दीक्षा दिलाई गई। दीक्षा ग्रहण करने वाली राजस्थान की 22 वर्षीय पूजा छाजेड़ ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उनके दादाजी की मौत के बाद से ही उनका संसार में मन नहीं लग रहा था। तभी से सांसारिक मोह-माया और घर का त्याग कर सन्यासी रूप धारण कर धर्म के मार्ग पर चलने का मन बना लिया था।

इसी तरह सूरत की पूजा शाह एक राष्ट्रीय स्तर की जिम्नास्टिक्स खिलाड़ी रह चुकी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई पोस्ट ग्रेजुएशन तक की है। इसके अलावा दीक्षा लेने वाली युवतियों में सूरत की ध्रुवी कोठारी, बारडोली गुजरात की स्वीटी संघवी, मुम्बई की कमलेश, टुमकुर कर्नाटक की खुशी विश्वास और भावनगर गुजरात की किंजल शाह हैं।


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