पर्यूषण को लेकर चरम पर है जैनियों की धार्मिक प्रभावना

Nawada Jain Mandir

नवादा, 19 सितम्बर। जैनियों का आत्मशुद्धि का महान दस दिवसीय महापर्व “पर्यूषण” के छठे दिन स्थानीय जैन धर्मावलम्बियों ने “उत्तम संयम धर्म” की विशेष पूजा अर्चना की।

इस अवसर पर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रथम शिष्य गौतम गणधर स्वामी की निर्वाण भूमि श्री गुणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र के साथ ही नवादा दिगम्बर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने जिनेन्द्र प्रभु का अभिषेक-पूजन किया, तत्पश्चात दशलक्षण धर्म के छठे स्वरूप “उत्तम संयम धर्म” की विशेष पूजा-अर्चना कर अपने व्यवहारिक जीवन में संयम धर्म को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

सुगंधदशमी पर्व के आलोक में आज संध्या समय जैन धर्मावलम्बियों ने श्री गुणावां जी दिगम्बर जैन मंदिर, जल मंदिर एवं नवादा स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में अपने अराध्य के समक्ष हवन कुंड में धूप समर्पित कर अपने अशुभ कर्मों की आहुति दी।

इस पवित्र धार्मिक आयोजन में जैन समाज के दीपक जैन, राजेश जैन, महेश जैन, अभय जैन, भीमराज जैन, उदय जैन, मनोज जैन, सुनील जैन, विमल जैन, पारस जैन, शुभम जैन, सोनू जैन, विनोद जैन गर्ग, रौशन जैन, सत्येंद्र जैन, सुषमा जैन, लक्ष्मी जैन, वीणा जैन, श्रद्धा जैन, श्रुति जैन, श्रेया जैन, शांति जैन, खुशबू जैन, ममता जैन, चंदा जैन, संतोष जैन, रजनी जैन, नीतू जैन व स्वीटी जैन सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।

विदित हो कि इस दस दिवसीय पर्व के आलोक में अब तक उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य व उत्तम संयम धर्म की अराधना की जा चुकी है, जबकि आगामी कल से 23 सितम्बर के बीच क्रमवार उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य व उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विशेष अराधना की जाएगी। आयोजन के अंतिम दिन आगामी 23 सितम्बर को जैन तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य के निर्वाणोत्सव के अवसर पर जैन धर्मावलम्बी विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान वासुपूज्य के चरणों में निर्वाण लड्डू समर्पित करेंगे।

 

  • दीपक जैन

 


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