खजुराहो की रंगीनियां देखने आए विदेशी सैलानियों आचार्य श्री को देख हुए नतमस्तक


भव्य कलात्मकता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के  खजुराहो नगर में संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ससंघ के वहां पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर विदेशी सैलानियों के एक दल के सदस्य ने आचार्यश्री के सन्मुख नतमस्त हो आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। खजुराहो में पहुंचने के बाद सर्वप्रथम आचार्यश्री ससंघ ने भगवान शांतिनाथ मंदिर के दर्शन किये।

आचार्यश्री ससंघ के खजुराहो में प्रवेश करने के दौरान विशाल जलसे के बीच मुनिश्री का पूरा संघ कमल के पुष्प पर दिखाई देने वाले सुगंदिथ मध्य भाग की तरह दिखाई दे रहा था। देश-विदेश से आए सैलानियों ने भी आचार्यश्री और उनके संघ को काफी नजदीक से देखा और उनके मन में ऐसी आस्था जगी कि वे स्वयं भी जलूस के साथ-साथ मंदिर तक पैदल आए।

विदेशी सैलानियों ने पूरे रास्ते आचार्यश्री सहित ससंघ को अपने-अपने कैमरों में कैद करते रहे और कहा कि वे भारत के खजुराहो में रंगीनियां देखने आए थे किंतु आचार्यश्री को देखकर लगता है कि उन्होंने भगवान के साक्षात दर्शन कर लिए हैं। आचार्यश्री का तेज देखकर सैलानियों ने कहा कि वे वापिस अपने देश जाकर लोगों को अवगत कराएंगे कि भारत कलात्मकता, प्राकृतिक सुंदरता का  ही नहीं बल्कि धर्म और आस्था का भी स्वर्ग है।

मंदिर पहुंच कर विदेशी सैलानियों ने आचार्यश्री से चर्चा की और आचार्यश्री की कठिन तपत्स्या और जीवन देखकर हतप्रभ हो गये कि आज के समय में भी इतनी कठिन तपस्या संभव है।

17 जुलाई को आचार्य श्री की दीक्षा के 50 वर्ष पुरे होने पर सम्पूर्ण जैन समाज इस दिन को विशेष पर्व की तरह मना रहा है इसको लेकर देश भर से 2 लाख लोगों के पहुँचने की संभावना है और खजुराहो के लगभग सभी होटल पूरी तरह से बुक हो चुके है

श्री भगवान शांतिनाथ मंदिर में आचार्यश्री के पाद-पक्षालन का सौभाग्य इंजीनियर रमेश जैन सतना के परिवार को प्राप्त हुआ एवं शास्त्र भेंण करने एवं आहार दान देने का सौभाग्य विनोद जैन खजुराहों को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को ब्रहमचारी सुनील भैया ने संचालित किया। अपने प्रवचन के दौरान आचार्यश्री ने कहा कि मैं यहां 37 वर्षो बाद आया हूं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संतुष्टि के साथ सामान्य जीवन जीने का मंत्र भी बतातया। इस मौके पर कलेक्टर रमेश भंडारी ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश विभाग को दिए।


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